बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन इसकी वजह फिल्म या रोमांटिक गाने नहीं, बल्कि 70 एमएम पर दौड़ने वाले फिल्मी सीन से कहीं ज्यादा दिलचस्प और हर मोड़ पर चमत्कार दिखाने वाली सियासत की फिल्म है।
सलमान मंगलवार को अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी के साथ पतंगों के पेंच लड़ा रहे थे, लेकिन पीएम पद पर राय देते वक्त उन्होंने गजब की चतुराई दिखाई। इससे पहले वह समाजवादी पार्टी के सैफई महोत्सव में ठुमके लगाने पहुंचे थे।
मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की महफिल में रंग जमाने के बाद वह मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ दिखे और उनकी खूब तारीफ की। साफ है। सलमान किसी गुट में शामिल नहीं हैं, लेकिन सभी के साथ 'लवस्टोरी की स्क्रिप्ट' लिखना चाहते हैं। यही वजह है कि सलमान खान अपने अंदाज से कई लोगों को सियासत की क्लास दे रहे हैं।
मोदी के गढ़ में भी तटस्थ रहे सलमान
मकर संक्रांति के मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा की तरफ से पीएम पद पर ताल ठोक रहे नरेंद्र मोदी ने सलमान की मेजबानी की। साथ भोजन हुआ और पतंगबाजी में भी हाथ आजमाए गए।
लेकिन जब सियासत के सवालों का मौका आया, तो सलमान मजबूती से डटे रहे। उन्होंने गुजरात के विकास के लिए नरेंद्र मोदी की तारीफ जरूर की, लेकिन पीएम पद पर उनकी दावेदारी पर अपनी मुहर नहीं लगाई।
सलमान अपनी फिल्म जय हो का प्रमोशन करने पहुंचे थे और मोदी के लिए यह मौका था बॉलीवुड स्टार के प्रशंसकों का दिल जीतने का। लेकिन दबंग ने अपने खास स्टाइल में सियासत से किनारा कर खास तरह की राजनीति कर दिखाई।
मोदी गुड मैन, पीएम बनेगा बेस्टमैन
बॉलीवुड स्टार के सामने जब सवालों का अंबार लगा दिया गया, तो भी वह संभले रहे। जब उनसे पीएम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जो सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति है, वह देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। और यह आपको तय करना है कि हमारे देश के लिए बेस्ट कौन है।"
बॉलीवुड स्टार से जब बराबर में खड़े नरेंद्र मोदी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मोदी साब अच्छे व्यक्ति हैं। गुड मैन मेरे सामने खड़े हैं। मैं चार साल बाद यहां आया हूं और काफी विकास दिख रहा है। मैं गुजरात का नहीं हूं। आप यहां के हैं, आप बताइए कि आप किसे चाहते हैं, अगर मोदी आपके लिए बेस्ट हैं, तो उनके साथ जाइए। लेकिन यह आपको तय करना है।"
फिल्म प्रमोशन को सबसे अहम बताते हुए सलमान खान ने कहा, "मैं यहां आया हूं मोहब्बत और सपोर्ट के लिए। अपनी फिल्म जय हो के प्रमोशन के लिए।" उन्होंने कहा, "मोदी साब से मुलाकात हुई, मुझे बहुत अच्छा लगा। आप लोगों के चेहरे पर खुशी देकर और अच्छा लग रहा है। लेकिन जब वोट देने का सवाल होता है, हर क्षेत्र में अलग तरह से वोट दिया जाता है। बेस्ट मैन को वोट दिया जाता है।"
एमपी में गाया शिवराज का गाना
सलमान खान ने केवल नरेंद्र मोदी की तारीफ नहीं की, बल्कि गुजरात से पहले वह मध्य प्रदेश के इंदौर शहर गए थे और वहां उन्होंने कहा कि राज्य ने बीते एक दशक में काफी विकास किया और श्रेय जाता यहां के मुख्यमंत्री को।
सलमान खान ने वहां कहा कि वह किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते, लेकिन उन लोगों का पूरा सहयोग करते हैं, जो अच्छा काम करते हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए काम किया है और यही वजह है कि उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री चुना गया है।" सलमान ने यहां रुकमणी बाई से भी मुलाकात की, जो इंदौर में उनके पैदा होने के वक्त नर्स थीं।
सैफई के ठुमकों पर सफाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल में सलमान खान को माधुरी दीक्षित, रणवीर सिंह, मल्लिका शेरावत, हुमा कुरैशी और एली अवराम को बुलाया था।
लेकिन मुजफ्फरनगर में ठंड और भूख से जूझ रहे शरणार्थियों की खस्ता हालत की वजह से सैफई महोत्सव पर पैसे खर्च करने को लेकर अखिलेश सरकार को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।
आलोचना केवल नेताओं तक सीमित नहीं रहीं। बॉलीवुड के जो सितारे इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, उन पर भी सवाल उठाए गए। लेकिन सलमान खान बैकफुट पर नहीं आए।
मदद करने गया था सैफईः सलमान
इस आलोचना के बाद सलमान खान ने एक बयान जारी किया, जिसमें हमले का जवाब दिया गया था, "जब कभी मैं परफॉर्मेंस या प्रमोशन के लिए कहीं जाता है, तो इसे स्वास्थ्य या शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद के मौके के रूप में देखता हूं। रविवार को बींग ह्यूमन ने महाराष्ट्र में 100 पीडिएट्रिक कार्डिक केस की फंडिंग के लिए शपथ ली है।"
सलमान ने कहा कि इटावा में बींग ह्यूमन ने सैफई में परफॉर्म करने वाले सभी कलाकारों की तरफ से उत्तर प्रदेश में 200 पीडिएट्रिक हार्ट सर्जरी की फंडिंग का वादा किया है।
सलमान खान पहले भी कह चुके हैं कि जो भी राजनीतिक दल चैरिटी के लिए उन्हें पैसा देने के लिए तैयार है, वह उसके लिए चुनाव प्रचार करने के लिए तैयार हैं।
अखिलेश ने की सलमान की तारीफ
सैफई महोत्सव के बाद सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी आलोचना करने को लेकर मीडिया को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा था कि इस समारोह में सैकड़ों करोड़ खर्च नहीं हुए, बल्कि 8-10 करोड़ लगे, जो हर साल होता है।
सलमान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जो सितारे बाहर से आए हैं, जिन्हें मुजफ्फरनगर के बारे में कुछ नहीं पता, उनसे मीडिया दंगा पीड़ितों के बारे में सवाल कर रही है। अगर आपको उस बारे में कुछ पूछना है, तो सीएम से पूछिए सलमान से नहीं।
सलमान खान ने अलग-अलग पार्टी और नेताओं के साथ मंच साझा किया है और वो सभी से बनाकर रखना चाहते हैं। साथ ही वह यह भी साफ कर चुके हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं है। एक सेलेब्रिटी को शायद यही तटस्था रखनी चाहिए, क्योंकि किसी दल का साथ देते ही आप एक परिधि में बंध जाते हैं।