दिल्ली की तिहाड़ जेल के केंद्रीय कारागार संख्या तीन में अगले 10 दिन तक नामी-गिरामी उद्योगपतियों, व्यवसाइयों और वकीलों का मेला लगने वाला है।
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय और उनकी कंपनी के दो अन्य निदेशकों की ज़मानत के लिए राशि जुटाने के लिए अदालत के निर्देश पर तिहाड़ जेल के सम्मलेन कक्ष को तैयार किया गया है।
इसमें एसी से लेकर इंटरनेट तक की सुविधा है। यहां इच्छुक पक्ष सहारा समूह की सम्पत्तियों के लिए बोली लगाएंगे। आने वाले मेहमानों के लिए खाने का भी इंतज़ाम किया गया है जो सहारा प्रमुख के ख़र्च पर बाहर से लाया जाएगा। लेकिन सुब्रत राय और उनकी कंपनी के निदेशकों को जेल की ही रोटियां तोड़नी पड़ेंगी क्योंकि वह विचाराधीन कैदी हैं।
दिल्ली की तिहाड़ जेल का एक हिस्सा अप्रत्याशित तरीके से एक संगोष्ठी स्थल में तब्दील हो रहा है। ऐसा अदालत के निर्देश पर सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय को ज़मानत लेने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की राशि और 5,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जुटाने के लिए किया जा रहा है।
इस राशि को जुटाने के लिए सुब्रत राय को देश के विभिन्न इलाक़ों और विदेशों में स्थित अपनी अचल संपत्ति को या तो बेचना होगा या फिर गिरवी रखना होगा।
यही वजह है कि मंगलवार से अगले दस दिन तक तिहाड़ जेल में उन ख़ास मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा जो सुब्रत राय की संपत्ति खरीदना चाहते हैं या जिनकी उसे गिरवी लेने में उनकी रुचि है।
बाहर से होगी शाकाहारी खाने की व्यवस्था
सम्मलेन कक्ष काफी बड़ा है जिसमें टीवी से लेकर इंटरनेट तक की सुविधाएं मौजूद हैं। इसका इस्तेमाल जेल अधिकारी अपनी बैठकों के लिए करते रहे हैं।
तिहाड़ जेल में सुब्रत राय से मिलने आने वाले मेहमानों के लिए शाकाहारी भोजन की व्यवस्था वहीँ स्थित 'तिहाड़ फ़ूड कोर्ट' से की जाएगी।
अदालत का कहना है कि मिलने आने वालों के लिए बाहर से भी खाना मंगवाया जा सकता है। केंद्रीय कारागार तीन के अधीक्षक राजेश कुंअर ने बीबीसी को बताया कि जेल में किए जाने वाले इस इंतज़ाम का खर्च सुब्रत राय भरेंगे।
उनका कहना है कि मेहमानों के लिए बाहर से खाना मंगवाया जा सकता है मगर सुब्रत राय और उनकी कंपनी के जो दो निदेशक तिहाड़ में बंद हैं, उन्हें जेल का ही खाना परोसा जाएगा।
लंदन, न्यूयार्क की संपत्ति पर निगाहें
सुब्रत राय और दो निदेशकों पर निवेशकों के पैसे वापस नहीं करने का आरोप है। प्रतिभूति
और विनिमय बोर्ड यानी सेबी का कहना है कि उन्हें 37,000 करोड़ रुपये
निवेशकों को लौटाने हैं। हालांकि सहारा समूह का कहना है कि उसने निवेशकों
की राशि काफ़ी हद तक लौटा दी है।
सहारा समूह ने अदालत से कहा कि
सुब्रत राय की ज़मानत के लिए 5,000 करोड़ नक़द और 5,000 करोड़ रुपये की बैंक
गारंटी वह अपनी संपत्ति को बेचकर या गिरवी रखकर ही जुटा सकता है।
सहारा समूह की कई संपत्तियां हैं, जिनमें प्रमुख रूप से न्यूयॉर्क स्थित प्लाज़ा होटल और लंदन स्थित ग्रॉसवेनर हाउस शामिल हैं।
लंदन
की संपत्ति खरीदने के लिए पुणे स्थित पूणावाला परिवार ने इच्छा प्रकट की
है, जबकि मैडिसन समूह ने उनके न्यूयॉर्क के होटल को खरीदने की इच्छा ज़ाहिर
की है।