महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जुटे केरल के युवा साइबर पेशवरों ने एपीएसएस डिवाइस इजात की है, जो उनकी सुरक्षा करेगी।
यह डिवाइस एक बटन दबाने पर वॉयस कॉल या एसएमएस से तुरंत कई स्थानों पर संवाद कायम करने के साथ पुलिस स्टेशन, अस्पताल और फायर स्टेशन को स्वचलित सूचना प्रदान कर देगी।
अम्मा के निर्देश पर बनी ये डिवाइस
माता अमृतानंदमयी मठ के अमृता पर्सनल सेफ्टी सिस्टम (एपीएसएस) की मदद से साइबर एक्सपर्ट ने इसे तैयार किया है।
यौन अपराधियों से बचने के लिए महिलाओं को अब मिर्ची पाउडर या स्प्रे रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोल्लम स्थित अमृता विश्वविद्यालय के साइबर प्रणाली एवं नेटवर्क केंद्र की निदेशक डॉ. कृष्णाश्री अच्युतन ने बताया कि एपीएसएस एक दिखाई नहीं देने वाली, पहनने योग्य और आसानी से संचालित इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस है।
उन्होंने बताया कि अम्मा के नाम से मशहूर माता अमृतानंदमयी ने 16 दिसंबर की दिल्ली की घटना व महिलाओं प्रति बढ़ते अपराधों को लेकर इस तरह की डिवाइस को लॉंच करने का निर्देश दिया था।
इस डिवाइस को एक बाली, अंगूठी या अन्य किसी भी एक्सेसरीज में आसानी से छिपाकर लगाया जा सकता है। इलेक्ट्रोनिक चिप के जरिए संचालित इस डिवाइस में कुछ नंबर फीड किए जा सकेंगे और एक बटन दबाकर वॉयस मेल के जरिए खतरे के समय युवती सभी नंबरों पर एक साथ सूचना दे सकेगी।
इस डिवाइस को जल्द ही ऐसी प्रौद्योगिकी से लैस किया जाएगा, जिससे घटनाओं की वीडियो टेपिंग भी हो सके।
मठ के सूत्रों के अनुसार इस डिवाइस का सफल प्रयोग तो कर लिया गया है।
लेकिन इसकी लॉंचिंग के समय अम्मा ही इसकी सभी विशेषता के बारे में बताएंगी। बताया जाता है कि इसकी कीमत आम महिलाओं की भी पहुंच के भीतर 500 से 1000 रुपये के बीच होगी।
27 सितंबर को माता अमृतानंदमयी के जन्मदिन के दिन इस डिवाइस की लॉंचिंग की जाएगी। इस डिवाइस की विशेषता यह भी है कि वह ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी काम करेगी जहां संचार की गति काफी कम है।
29 अमेरिकी पेटेंट की लेखिका डॉ. अच्युतन के अनुसार 15 से अधिक सुविधाओं से युक्त इस डिवाइस को मानसिक रूप से विकलांग लोगों के सुरक्षा कवच के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।