बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साले साधू यादव के नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद कांग्रेस के लिए असहज स्थिति हो गई है। बिहार के पिछले विधानसभा चुनाव में साधु यादव को कांग्रेस अपना चेहरा बनाकर उतरी थी।
मगर अब साधु यादव का झुकाव मोदी के प्रति ज्यादा हो रहा है। शुक्रवार को मुलाकात के बाद वह 'नमो नमो' करने लगे और उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साध दिया। साधु को पार्टी से निकालने का कांग्रेस जल्द ऐलान कर सकती है।
नमो जाप के बाद भी साधु की भाजपा में नो एंट्री
मोदी से मुलाकात के दौरान साधु के साथ कांग्रेस के नेता दसई राम भी मौजूद थे। इस समय नरेंद्र मोदी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। पार्टी इससे बचने की कोशिश कर रही है।
मगर पार्टी को रोज नई एक मुश्किल से सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस के सामने मोदी की मुसीबत साधु यादव के तौर पर आई। चुनाव के बाद साधु यादव हालांकि कांग्रेस में ज्यादा सक्रिय नहीं थे।
मगर बिहार चुनाव के बाद से उन्होंने पार्टी से नाता नहीं तोड़ा था। मोदी से मुलाकात के बाद भाजपा में शामिल होने को लेकर भले ही साधु यादव कुछ नहीं बोल रहे हैं।
लेकिन उन्होंने जिस तरह से मोदी का गुणगान करना शुरू कर दिया है। उससे उनकी आगे की राह भाजपा की ओर ही बढ़ती दिख रही है। खासकर साधु ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
राहुल और मोदी में अंतर को लेकर पूछे एक सवाल में उन्होंने कहा कि अगर आपको बीमारी है। मदद के लिए मिलना है तो राहुल से मिलने का वक्त तीन साल के बाद मिलेगा। मगर जबकि मोदी से मिलने का वक्त तुरंत मिल जाएगा।