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भारत रत्न सचिन एक्टर या क्रिकेटर, बताए सरकार?

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भारत रत्न सचिन तेंदुलकर एक्टर हैं या क्रिकेटर, सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए चौंका देने वाले इस सवाल का जवाब अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग को देना है।
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जबकि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करने से पहले सचिन खुद आयकर विभाग में यह दावा कर चुके हैं कि उनका मुख्य कार्य क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि एक्टिंग है।

उनके इस दावे को आयकर में छूट देने के लिए जब विभाग नहीं माना, तब उन्होंने एक्टर की श्रेणी के तहत छूट पाने के लिए विभाग के खिलाफ अपील दायर कर दी।
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भारत रत्न और सांसद बनाए जाने पर आपत्ति

विश्व के इस महान बल्लेबाज के एक्टर होने के आयकर विभाग में किए गए दावे पर सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता प्राणेश ने राष्ट्रपति भवन को 15 जनवरी को आरटीआई भेजकर इस संबंध में पूछा।

जवाब में राष्ट्रपति भवन ने कहा कि वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग को सचिन के एक्टर होने से जुड़े तीन सवालों का जवाब देने के संबंध में आरटीआई स्थानांतरित कर दी गई है।

आरटीआई से पहले अधिवक्ता ने राष्ट्रपति भवन को सचिन के एक्टर होने के दावे के संबंध में गतवर्ष 21 नवंबर को पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने सचिन को महान क्रिकेटर होने की वजह से भारत रत्न दिए जाने और इससे पहले राज्यसभा सांसद बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी क्योंकि सचिन खुद क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक्टर होने का दावा करते हैं।

सचिन क्या हैं, एक एक्टर या क्रिकेटर?

आरटीआई में पूछा गया है कि सचिन आयकर विभाग में कर भरने के दौरान खुद की पहचान क्या बताते हैं। वह खुद को एक्टर (कलाकार) या क्रिकेटर, किस श्रेणी में पेश करते हैं।

राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक सचिन क्या हैं, एक एक्टर या क्रिकेटर। क्या सचिन ने कभी टैक्स में छूट प्राप्त करने की मांग केंद्र या राज्य सरकार से की है। यदि की है तो उन्हें कितनी छूट प्रदान की गई।

भारत रत्न का सम्मान प्राप्त कर चुके सचिन से जुड़े इन तीन सवालों की गेंद राष्ट्रपति भवन ने मंत्रालय-विभाग के पाले में डाल दी है। दरअसल आयकर अधिनियम की धारा 80आरआर के तहत एक्टर होने पर उन्होंने एक कलाकार होने के आधार पर छूट का दावा किया था।

समीक्षा अधिकारी की ओर से एक्टर होने का दावा खारिज होने पर उन्हें छूट नहीं मिलती। गौरतलब है कि सचिन के दावे को ऊपरी न्यायपालिका ने सही माना या नहीं, इस बारे में जानने के लिए अधिवक्ता ने राष्ट्रपति भवन को आरटीआई भेजी। लेकिन इस आरटीआई को वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग के समक्ष स्थानांतरित कर दिया गया।
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2008 में की थी अपील

सचिन की ओर से एक्टर होने के दावे की पुष्टि आयकर विभाग सहायक आयुक्त, मुंबई के समक्ष की गई अपील करती है। यह अपील खुद तेंदुलकर ने 2008 में यह दावा करते हुए की थी कि उनका मुख्य कार्य एक्टिंग है, क्रिकेट खेलना नहीं।

सचिन की ओर से यह अपील अक्तूबर, 2003 में आयकर रिटर्न भरने के बाद समीक्षा अधिकारी की ओर से उनके एक्टर होने के दावे को खारिज किए जाने के बाद दायर की गई थी। सहायक आयुक्त ने सचिन के एक्टर होने के दावे को स्वीकार कर लिया। लेकिन विभाग ने इसके बाद हाईकोर्ट में अपील की या नहीं, इस बारे में विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली।
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