परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और रूस कुडनकुलम पर समझौता कर सकते हैं।
सरकार देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न राज्यों में उपलब्ध न्यूक्लियर साइट पर और परमाणु रिएक्टर स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।
मोदी एक वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए मास्को जा रहे हैं। वह 23-24 दिसंबर को रूस में रहेंगे। इस कार्यक्रम में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को भी हिस्सा लेना है। इस दौरान दोनों देश परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में करार पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।