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नोट भी फैला रहे हैं इन्फेक्शन, बचकर रहें

Tue, 25 Sep 2012 08:30 AM IST
चंडीगढ़/जतिन सैनी
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बदलते मौसम के इस समय में नोट भी इन्फेक्शन फैला रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि रुपयों का लेन-देन करते समय कुछ सावधानियां रखें। पुराने नोट एक आदमी से दूसरे के बीच बैक्टीरिया केरियर का काम भी कर रहे हैं।
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सेक्टर-44 स्थित डॉ. मित्तल क्लिनिक की स्किन स्पेशलिस्ट व फिजिशियन डॉ. मोनिका मित्तल ने बताया कि सबसे ज्यादा बीमारियां 10, 20, 50 व 100 रुपये के नोट फैला रहे हैं। ये एक ही दिन में कई हाथों से गुजरते हैं। लोग नोट को जेब में रख लेते हैं या गिनते समय मुंह में दबा लेते हैं। इससे नोट में बैक्टीरिया को पनपने के लिए पर्याप्त नमी भी मिल जाती है।

जेब में बीमारियां

बैक्टीरिया -बीमारी
1. स्टैफीलोकोकाई -हाथों में सूजन व रैडनेस आ जाती है।
2. माइक्रोकोकाई- जख्मों में संक्रमण और पस पैदा करता है।
3. न्यूमोनिया -    कफ, हल्का दिल का दौरा पड़ने की भी संभावना बढ़ा देता है।    
4. ई कोलाई -    डायरिया, एनिमिया व किडनी फेल्योर
5. स्यूडोमोनास - यूरीनरी ट्रैक इफेक्शन, बोन व ज्वाएंट इंफेक्शन, रेस्पीरेटरी स्सिटम पर असर डालता है।
6. एस. टायफाई - टायफाइड और हाइफीवर का कारण बनता है।
7. बैकीलाई - यूरीन में इंफेक्शन
8. सैप्रोफाइट्स - स्किन, नाखून व बालों में फंगस इन्फेक्शन पैदा करता है।
9. इंटीरोकोकाई - पेट खराब करता है और दस्त लग जाते हैं।
9. लाइसीरिया - यौन रोगों का कारण बनता है।
12. प्रोटीयस स्पीसिस - यूरीन में इंफेक्शन पैदा करता है।

ऐसे करें बचाव
- फटे पुराने व गले नोट का इस्तेमाल ना करें, उसे तुरंत बदलवाएं।
- नोट को मुंह में न डालें। गिनते वक्त थूक का इस्तेमाल न करें।
- नोटों के लेनदेन करने के बाद हाथ धो लें।
- नोट जेब की जगह वॉलेट में रखें।

- नोटों से फैल रही बीमारियों के बारे में आम लोगों अक्सर पता नहीं चलता। बदलते मौसम में संक्रमण बढ़ जाता है। ऐसे में अगर हाथों में किसी तरह की समस्या या इन्फेक्शन दिखे तो तत्काल जांच करवाएं।- डॉ. अश्वनी कुमार, फिजिशियन व स्किन स्पेशलिस्ट, सेक्टर-23
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- घरों की सीलन से फंगस पैदा होता है। यह फंगस न सिर्फ घर वालों के लिए खतरनाक है बल्कि नोट जैसे माध्यमों से बाहर भी ट्रैवल करता है। खासकर अस्थमा के रोगी इसकी अनदेखी न करें।- डॉ. जीपी धामी, स्किन स्पेशलिस्ट (इंचार्ज), जीएमसीएच-32
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