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UPSC विवाद उलझा, क्या करेगी सरकार?

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छात्रों की मांग है कि सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (सी-सैट) के प्रारूप में बदलाव किया जाना चाहिए, जिससे कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को भी एक समान प्रतियोगिता का मौका मिले।
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समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षा के प्रारूप में बदलाव के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।

वर्मा समिति में आईएएस अधिकारी आरके गुप्ता और पीके दास सदस्य हैं। गुप्ता जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के मुख्य सचिव हैं जबकि दास कार्मिक विभाग में संयुक्त सचिव हैं।

वर्मा कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी

सी-सैट विवाद केंद्र सरकार के गले की हड्डी बन गया है। संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के प्रारूप में बदलाव के लिए गठित वर्मा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि परीक्षा के वर्तमान प्रारूप में किसी बड़े बदलाव की सिफारिश नहीं की गई है, जिसके बाद ये विवाद सुलझने के बाद उलझता दिख रहा है।

राज्यसभा में विपक्ष ने आज इस मुद्दे पर फिर हंगामा किया।

राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा

राज्यसभा में पुणे भूस्खलन के मृतकों को श्रद्घांजलि दिए जाने के तुरंत बाद ही कांग्रेस, समाजवार्दी पार्टी और जनता दल (यू) सदस्यों ने सी-सैट के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगना शुरु कर दिया। हंगामे के कारण सदन को स्‍थगित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के प्रारूप में बदलाव के लिए हिंदी भाषी छात्र और छात्राएं पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने परीक्षा के प्रारूप ‌की समीक्षा के लिए अरविंद वर्मा कमेटी का गठन किया था। वर्मा कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

केंद्र ने फिर दिया आश्वासन

राज्यसभा में जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने सी-सैट के मुद्दे पर विशेषाधिकार नोटिस देते हुए कहा कि सरकार ने वादा किया था कि लाख छात्र-छात्राओं के भ‌विष्य से जुड़े सी-सैट के मुद्दे को सात दिन में सुलझा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कुछ भी नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्मा कमेटी की रिपोर्ट ही सात दिन बाद आई है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार उनकी समस्या हल करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज कर रही है।

वहीं, केंद्र सरकार में मंत्री जितेंद्र स‌िंह ने कहा कि सरकार सी-सैट का मसला जल्‍द सुलझा लेगी।
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रिपोर्ट का परीक्षण करेगी सरकार

हिंदी सहित भाषाई छात्रों के साथ भेदभाव के आरोप लगने के बाद यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के प्रारूप में बदलाव की संभावना तलाशने को लेकर गठित वर्मा समिति ने गुरुवार को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

परीक्षा के प्रारूप में बदलाव की छात्रों की मांग पर विचार करने के लिए इस साल मार्च में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के पूर्व सचिव अरविंद वर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि अंतिम फैसला लिए जाने से पहले सरकार इस रिपोर्ट का परीक्षण करेगी। साथ ही 24 अगस्त को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करने के बारे में भी रिपोर्ट देखने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
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