यूं तो संसद के दोनों सदनों में बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है, लेकिन गुरुवार सवेरे जो हुआ उसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। लोकसभा में आज अखाड़ा बन गया।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की इजाजत के बाद जब गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने तेलंगाना बिल पेश करने की कोशिश की, तो सदन में हंगामा हो गया।
टीडीपी के सांसद बेहोश
संसद में मचे बवाल के बाद वहां से एक के बाद एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। ताजा खबर के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मछलीपटनम से सांसद नारायण राव को सीने में दर्द उठने के बाद अस्पताल ले जाया गया है।
इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है कि उन्हें हुआ क्या है। लेकिन राव के बेहोश होने की खबर मिल रही है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
एल राजगोपाल ने किया पेपर स्प्रे
गृह मंत्री के तेलंगाना बिल पेश करते ही सदन अखाड़े में तब्दील हो गया। सांसदों के बीच हाथापाई हुई और लात-घूंसे चले। नेताओं के बीच जमकर मारपीट भी हुई।
लेकिन हद तो तब हो गई जब एल राजगोपाल नामक सांसद ने पेपर स्प्र छिड़क दिया, जिससे कई सांसदों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
राजगोपाल ने सांसदों की आंखों में मारा स्प्रे
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही तेलंगाना समर्थक और सीमांध्र के सांसदों के बीच लड़ाई शुरू हो गई, जिन्होंने सदन में हंगामा मचा दिया। विजयवाड़ा के सांसद एल राजगोपाल ने जब पेपर स्प्रे छिड़का, तो सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
उस वक्त वेल में आंध्र के सांसदों के बीच लड़ाई जारी थी। ऐसा बताया जा रहा है कि राजगोपाल ने दूसरे सांसदों की आंखों को निशाना बनाकर स्प्रे किया, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई।
कुछ सांसदों ने आंखों में जलन, दम घुटने और उल्टी की शिकायत की। इसके तुरंत बाद संसद के डॉक्टर को बुलाया गया और साथ ही एंबुलेंस भी आईं, जिनमें बैठकर सांसद अस्पताल चले गए।
बोतल कैसे डालकर ले गए नेताजी?
आंध्र प्रदेश के सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इनमें से कुछ तेलंगाना समर्थक थे, जबकि दूसरे युनाइटेड आंध्र की बात कर रहे थे।
एल राजगोपाल कांग्रेस के उन छह सांसदों में शामिल हैं, जिन्हें पार्टी ने हाल में निष्कासित किया है। वेणुगोपाल नामक सांसद के चाकू निकालने की खबर भी मिली है।
सदन से बाहर निकले गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह से जब पूछा गया कि क्या सरकार ने तेलंगाना बिल पेश करने को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की थी, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, "तैयारी की थी, लेकिन सांसदों की जांच नहीं होती, ऐसे में कोई छोटी बोतल अंदर ले जाए, तो क्या किया जाए। हम बिल पेश करने को लेकर प्रतिबद्ध थे और वही किया गया।"
शीशे तोड़े गए, कागज फाड़े गए
आर पी एन सिंह ने कहा कि वह बतौर सांसद यह नहीं बता सकते कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन निश्चित रूप से कोई न कोई कार्रवाई सदन की तरफ से जरूर की जाएगी।
सदन में जब यह हंगामा हुआ, तो सांसदों ने सारी हदें लांघ दीं। इस मौके पर माइक के तार नोंचे गए, शीशे तोड़े गए और कई सांसदों ने वेल में रखी टेबल पर चढ़ने की कोशिश की।
साथ ही बिल छीनने की कोशिश भी हुई। जो सांसद इस घटना के बाहर सदन से बाहर निकले, उनकी आंखें तक ठीक से नहीं खुल पा रही थी। बेहद अजीब माहौल बन गया था।
पानी मारकर स्प्रे का असर खत्म करने की कोशिश
पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा, "सांसद ने कुछ स्प्रे किया, जिससे अध्यक्ष को खांसी आ गई। पता नहीं क्या स्प्रे किया गया था, लेकिन जो कुछ संसद में हुआ, उसे देखकर काफी दुख हुआ।" श्रावस्ती से सांसद विनय पांडे की तबीयत खराब हो गई।
एक अन्य सांसद महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष आने से पहले ही टेबल ऊपर चढ़ने की कोशिश हुई। घटना के बाद सांसद अपने मुंह पर पानी मारकर स्प्रे का असर खत्म करने की कोशिश कर रहे थे।
सांसदों ने बताया काला दिन
संसद में आज हुए हंगामे की सांसदों ने तीखी निंदा की है। सांसद अली अनवर ने संसद के इतिहास में इसे एक शर्मनाक घटना करार दिया है।
एलजेपी नेता राम विलास पासवान ने कहा कि वो पहले दिन से कहते रहे हैं सरकार को केवल वित्तीय विधेयक पास करा कर सदन को स्थगित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हुए हंगामे से संसद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी इस हंगामे की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस तेलंगाना बिल को लेकर प्रतिबद्ध थी और अब इस बिल के व्यक्तिगत विरोध का कोई मतलब नहीं रह जाता।
संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने हंगामे की निंदा की है और कहा कि 33 साल के उनके संसदीय इतिहास का ये काला दिन है। लोकतंत्र के लिए इसे कलंक करार दिया।
'कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार'
अमर उजाला से बातचीत में बीजेपी सांसद तरुण विजय ने पूरे हंगामे को बयां किया। उन्होंने कहा आंध्र के सांसद ने जो स्प्रे छिड़का वो को पेपर स्प्रे नहीं बल्कि कोई जहरीला रसायन था। इस स्प्रे से सुषमा स्वराज और स्पीकर मीरा कुमार की तबीयत खराब हो गई। तरुण विजय ने सारे हंगामे के लिए कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
तरुण विजय के मुताबिक तेलंगाना के विरोधी सांसद इसलिए भी गुस्सा गए क्योंकि कांग्रेस ने स्पीकर की सुरक्षा के लिए अपने सांसदों राजबब्बर और अजहरुद्दीन को लगा रखा था। विजय ने कहा कि संसद में बिल्कुल आतंक का माहौल था। उन्होंने इसे संसदीय इतिहास में एक काला दिन करार दिया है। तरुण विजय ने कहा कि इस हंगामे से सिर शर्म से झुक गया है। विरोध के इस तरीके को उन्होंने पूरी तरह अससंदीय करार दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इतने हंगामे के बावजूद पार्टी तेलंगाना बिल का सर्मथन करेगी। भाजपा सांसद ने कहा कि इस पर पार्टी ही फैसला करेगी।
सभी 16 सांसद निलंबित
तेलंगाना के विरोध में संसद में हुए बवाल के बाद विरोध करने वाले 17 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी सांसदों को नियम 374 (ए) के तहत निकाला गया।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपी 17 सासंदों को निलंबित कर दिया गया।
निकाले गए सांसदों में कांग्रेस के एस हरि, अनंत वेंकट रामी रेड्डी, आर सम्बाशिव राव, एस पी वाई रेड्डी, एम राजमोहन रेड्डी, एम श्रीनिवासुलु रेड्डी, वी अरूण कुमार, ए साई प्रताप, एल राजगोपाल, सुरेश कुमार शेतकर, के आर जी रेड्डी तथा जी सुखेन्द, रेड्डी, तेलुगू देशम पार्टी के एन क्रिस्टप्पा, एम वेणुगोपाल रेड्डी, के नारायण राव तथा डॉ एन शिव प्रसाद और वाईएसआर कांग्रेस के वाई एस जगन मोहन रेड्डी।
इस पूरे बवाल के बाद दोबारा शुरू हुई संसदीय कार्रवाई के दौरान नारायण राव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांसद नारायण राव को दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरूआती जांच के बाद डॉक्टरों का कहना है कि नारायण राव की स्थिति फिलहाल ठीक और खाली पेट रहने के कारण उनकी तबियत खराब हो गई थी।
राजनाथ ने साधा कांग्रेस पर निशाना
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संसद में आज हुए हंगामे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वोट बैंक की पॉलिटिक्स की वजह से संसद को आज ये दिन देखना पड़ा है।
संसद में आज हुए हंगामे को राजनाथ सिंह ने लोकतंत्र के इतिहास के लिए काला दिन करार दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सांसदों व्यवहार की वजह से आज उनका सिर शर्म से झुक गया है।
इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी आज हुए हंगामे की निंदा की। आडवाणी ने कहा इस पूरे बवाल से वो बहुत आहत है।
सुषमा स्वराज ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये सारा हंगामा कांग्रेस प्रायोजित था और तेलंगाना बिल टेबल करने में नियम-कायदों का पालन नहीं किया गया।
कौन-कौन सांसद बीमार?
टीडीपी के सांसद नारायण राव तो बेहोश ही हो गए और उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा तीन और सांसदों को अस्पताल ले जाना पड़ा।
इनमें से यूपी के श्रावस्ती से सांसद विनय पांडे के अलावा पूनम प्रभाकर और राज्य मंत्री बलराम नाइक भी शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य सांसदों को भी खांसी और बेचैनी की शिकायत हुई।
यहां तक कि स्पीकर मीरा कुमार को भी बेचैनी के बाद लोकसभा परिसर से बाहर निकलना पड़ा। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने सलाह दी कि वे हॉल से बाहर निकल जाएं ताकि सेहत को नुकसान न हो पाएं और वो तब बाहर निकल गईं।
चाकू नहीं माइक था
सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद ये जानकारी सामने आई है कि संसद में टीडीपी नेता वेणुगोपाल राव ने चाकू नहीं निकाला था। दरअसल फुटेज में साफ हुआ है कि उनके हाथ में चाकू नहीं माइक था।
पहले वेणुगोपाल पर आरोप था कि उन्होंने विरोध करते हुए संसद में चाकू लहराया था। हालांकि उन्होंने खुद भी इस बात से इंकार किया था। वहीं इस पूरी घटना के बाद प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि मैं बेहद निराश और गुस्से में हूं।
तो वहीं दूसरे सांसद ने विरोध जताते हुए कहा कि ऐसी शर्मनाक कार्रवाई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।