मुस्लिम नेताओं को अपने पक्ष में जुटाने के लिए भाजपा और संघ ने एकजुट होकर अब कसरत शुरू कर दी है।
दरअसल, भाजपा और संघ ने मुस्लिम उलेमा के सम्मेलन के जरिए बाकायदा यह संदेश देने की कोशिश की है कि नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर कांग्रेस झूठा प्रचार कर रही है कि वह मुस्लिम वर्ग के खिलाफ हैं।
भाजपा के बैनर तले बृहस्पतिवार को उलेमा के सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मोदी अगर प्रधानमंत्री बनेंगे तो मुस्लिम वर्ग के विकास के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे।
सतपाल महाराज को किया आगे
सम्मेलन में बताया गया कि पार्टी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनकी हर समस्या दूर करने के लिए भी जरूरी कदम उठाएगी। इसके लिए पार्टी एक अलग एजेंडा बनाने की तैयारी में है।
पार्टी ने उदारवादी हिंदू चेहरे के तौर पर सतपाल महाराज को आगे रखकर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन जुटाने की रणनीति बनाई है। सतपाल ने इसके लिए बाकायदा काम भी शुरू कर दिया है।
सम्मेलन में सतपाल महाराज ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में सबल भारत बनने जा रहा है। इसके लिए मुस्लिम वर्ग को भी योगदान देना चाहिए।
मुस्लिम नेताओं से भाजपा को वोट देने की अपील
इस सम्मेलन में भाजपा नेताओं के साथ शिरकत करने के बाद सतपाल महाराज ने अमर उजाला को बताया कि भाजपा की तरफ से उलेमा को यह बताया गया कि कांग्रेस ने देश में 60 साल राज किया। मगर मुस्लिमों की समस्याओं को कभी नहीं समझा और न ही इसका समाधान किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के तहत मुस्लिम वर्ग का इस्तेमाल किया। मगर अब भाजपा मुस्लिमों की समस्याओं को एक समय सीमा के तहत निपटाने का भरोसा देगी।
सतपाल ने कहा कि कब्रिस्तान के लिए जमीन की कमी का मसला हो या फिर वक्फ बोर्ड से जुड़ी समस्या। हर मसले पर मिल बैठकर समाधान निकाला जाएगा।
उन्होंने मुस्लिम समाज के नेताओं से अपील की कि वह समाज को भाजपा के लिए वोट देने के लिए प्रेरित करें। सम्मेलन में भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल, संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार और भाजपा महामंत्री जेपी नड्डा भी शामिल थे।