कांग्रेस और भाजपा के बीच संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की विरासत पर कब्जे की छिड़ी होड़ के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें लोगों के बीच एक राष्ट्रवादी नेता के तौर पर पेश करने की तैयारी में है।
साथ ही अंबेडकर को राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ बताते हुए पाकिस्तान पर उनके विचारों पर जोर दिया जाएगा। संघ के मुखपत्र ऑर्गनाइजर और पांचजन्य अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर लेखों का विशेष संस्करण निकालने जा रहे हैं। ये लेख उनके अनुयायियों और उनके आलोचकों द्वारा लिखे गए हैं।
ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर का कहना है कि अंबेडकर को मात्र दलित मसीहा या संविधान निर्माता बताकर उनका कद कम किया गया। हम जीवन के सभी क्षेत्रों में उनके योगदान को लोगों के सामने लाना चाहते हैं। हमें उनको समग्र दृष्टिकोण से देखना चाहिए। केतकर ने कहा कि धर्म पर उनके विचार बहुत गहरे हैं।