काशी के चुनावी समर में संघ ने पूरी ताकत झोंक दी है। वरिष्ठ प्रचारकों को तैनात करने के साथ उन्हें बूथ पर इंतजाम से लेकर मतदाताओं को जगाने और उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सारे इंतजाम संघ के शीर्ष नेतृत्व की देखरेख में चल रहे हैं।
संघ के क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण ने खुद काशी में डेरा डाल दिया है। उन्होंने रविवार को कई बार पूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। साथ ही संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल को इनकी जानकारी दी।
जोर ज्यादा से ज्यादा मतदान पर
दरअसल, नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने के कारण भगवा टोली के लिए काशी सिर्फ एक संसदीय सीट न होकर प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। ‘मिशन मोदी’ को सफल बनाने में जुटा संघ काशी में मोदी की जीत को ऐतिहासिक बनाना चाहता है। उसकी कोशिश है कि मोदी प्रदेश में सबसे ज्यादा मतों से जीतें।
संघ की कोशिश काशी मतदान का कीर्तिमान बनाने की है। लोकसभा के पिछले चुनाव में काशी में लगभग 43 प्रतिशत मतदान हुआ था। संघ ने इसे 60 से 65 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहता है। इसके लिए उसने अपने विभिन्न संगठनों में काम करने वाले प्रचारकों व पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को मिलाकर लगभग 25 समूह बनाए हैं। जिन्हें पांच से छह मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं सौंपी गई है।
पहले जगाएंगे फिर पहुंचाएंगे
संघ परिवार दोपहर तक 40 प्रतिशत मतदान कराने का लक्ष्य लेकर जुटा है। संघ की रणनीति है कि वोट डालने के लिए लोग लगातार निकलते रहें। इसके लिए हर मतदान केंद्र पर प्रति दो घंटे में पड़ने वाले वोटों की समीक्षा की भी व्यवस्था भी की गई है। लिहाजा उसने मतदाताओं को सुबह जगाने के लिए भी टोलियां बनाई हैं। यह लोगों को जगाने के साथ पहले वोट डालने और बाद में अन्य काम करने का आग्रह करेंगे।
इस तरह जांच गए इंतजाम
भाजपा की तरफ से की गई तैयारियों की जांच के लिए संघ की टोलियां शनिवार से ही सक्रिय हो गई थी। रविवार को भी यह काम जारी रहा। जहां कहीं कोई कमी या शिथिलता दिखाई दी। वहां की स्थिति के अनुसार समीक्षा कर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई। कई जगह मतदान प्रभारियों की नियुक्ति नए सिरे से की गई।