अलीगढ़ में संघ परिवार, भाजपा और इनसे जुड़े संगठनों के कुछ पदाधिकारी ईसाई मिशनरियों की आलोचना तो करेंगे लेकिन अपने बच्चों के भविष्य के लिए उन्हीं के शिक्षा मंदिरों को चुनेंगे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ यह संगठन भी समय-समय पर ईसाई मिशनरियों की आलोचना करते रहते हैं। लेकिन जब अपने बच्चों की शिक्षा की बात आती है तो यह उन्हीं मिशनरियों के स्कूलों के चक्कर काटते हैं। दाखिला कराने के लिए एड़ी से चोटी का जोर भी लगा देते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओसमंड चार्ल्स कहते हैं कि अलीगढ़ में भी संघ परिवार, भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के दर्जनों बच्चे मिशनरी स्कूलों में पढ़ने जा रहे हैं।
मिशनरी स्कूलों में पढ़ रहे इनके बच्चे
भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह के दोनों जुड़वां बेटे सेंट फिदेलिस में, महानगर उपाध्यक्ष मानव महाजन के दोनों बच्चे सेंट फिदेलिस में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता और भाजपा ब्रज प्रांत के मीडिया प्रभारी डॉ. राजीव अग्रवाल की बेटी सेंट फिदेलिस में पढ़ती है।
विद्यार्थी परिषद के वरिष्ठ नेता मानवेंद्र प्रताप सिंह के दोनों बच्चे सेंट फिदेलिस में, आरएसएस नेता शालू, भाजपा नेता नितुल भार्गव, पूर्व सभासद नितिन अरोड़ा, सुबोध स्वीटी, पुष्पेंद्र पचौरी, योगेंद्र वशिष्ठ, सोनू महाजन आदि के बच्चे भी सेंट फिदेलिस या ओएलएफ (अवर लेडी फातमा) स्कूल में पढ़ रहे हैं।
आरएसएस की अनुषांगिक शाखा सरस्वती विद्या मंदिर के विस्तार के लिए पूरा जीवन अर्पित करने वाले ब्रह्मदेव शर्मा को 26 जनवरी को पद्मश्री सम्मान दिया गया है लेकिन उनके ही सगे भांजे भाजपा जिला मंत्री जयदीप गौड़ का बेटा हर्षवर्धन गौड़ संत फिदेलिस में यूकेजी का छात्र है।
ओसमंड चार्ल्स कहते हैं कि इस स्थिति में विचार करने वाली बात यह है कि अगर इन लोगों को ईसाई मिशनरियों के कार्यों से इतनी नफरत है तो अपने बच्चों के शैक्षिक भविष्य के लिए उन्हीं के स्कूलों में क्यों भेजते हैं?
'बच्चों के लिए अंग्रेजी स्कूल वक्त की मांग'
भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह ने यह सच्चाई स्वीकार करते हुए कहा, ‘हां मेरे दो जुड़वां बेटे हैं जो कि सेंट फिदेलिस स्कूल में पढ़ रहे हैं।’
भाजपा महानगर उपाध्यक्ष मानव महाजन ने भी कहा, ‘हां मेरे बच्चे सेंट फिदेलिस में पढ़ रहे हैं। पढ़ने में बेहद होशियार हैं।’
भाजपा ब्रज प्रांत के प्रदेश मीडिया प्रभारी और आरएसएस प्रचारक डॉ. राजीव अग्रवाल का कहना है, ‘वक्त की मांग और अंग्रेजी शिक्षा के वर्चस्व को देखते हुए बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। इसी जरूरत को देखते हुए अब विद्या भारती भी सीबीएसई पैटर्न पर स्कूल खोल रही है। जिसकी शुरुआत सीबी गुप्ता विद्यापीठ सिंघारपुर के रूप में हो चुकी है। भविष्य में ऐसे ही स्कूलों का विस्तार करने की योजना है।’