आम बजट में रक्षा और बीमा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की वकालत करते हुए भले ही वित्त मंत्री अरुण जेटली इसे प्रगतिशील कदम बता रहे हैं लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मजदूर इकाई और किसान इकाई ने एफडीआई को 26 से बढ़ाकर 49 फीसदी किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए वित्त मंत्री को एक चिट्ठी लिखी है। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री दरबार तक मामला पहुंचाने की बात कही जा रही है।
जेटली को लिखी गई चिट्ठी में एफडीआई के अलावा सरकारी बैंकों में विनिवेश, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को पुनर्जीवित करने की मंशा और रेलवे के लिए विदेशी निवेश का रास्ता तैयार करने जैसे बजट में किए गए प्रस्तावों की आलोचना की गई है और इन्हें वापस लेने की मांग की है।