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लूट-खसोट में वर्दीवालों ने ली महिला की जान

Thu, 29 Jan 2015 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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यात्रियों की रक्षा के लिए तैनात वर्दीवालों ने ही लूट-खसोट के चक्कर में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर एक महिला की जान ले ली।
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दुर्गियाना एक्सप्रेस से आसनसोल से कानपुर जा रहे उसके परिवार से पहले ब्रेक यान में सफर करने पर वसूली की गई और हद तो तब हो गई जब अधिक धन उगाहने के लिए उसके भाई को लड़कियों का तस्कर बताकर बेरहमी से पीटा गया।

वसूली के बाद उनको चलती ट्रेन में धकेल कर चढ़ने को मजबूर किया गया। मंगलवार की रात हुई इस घटना के आरोपी जीआरपी के सिपाही शरतचंद्र दुबे पर गैर इरादतन हत्या, लूट और रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज किया गया है।
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रेलवे पुलिस का सिपाही निकला घटना का जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले के सैतिया निवासी मानिक अपनी भतीजी रीता (25) को उसकी ससुराल पहुंचाने अपने भतीजे जयदीप के साथ कानपुर के रोरा जा रहे। रीता के साथ डेढ़ साल की बेटी काजल भी थी। आसनसोल से परिवार के सदस्य जनरल टिकट लेकर दुर्गियाना एक्सप्रेस के ब्रेक यान में चढ़ गए।

मंगलवार को रात 10 बजे के करीब ट्रेन वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची तो एक वर्दीधारी बोगी में घुसा और यात्रियों से जुर्माना वसूलने लगा। उसके कुछ देर बाद दूसरा सिपाही आया और उसने बोगी में सवार 25 यात्रियों को बाहर निकाल दिया। इस पर जयदीप ने आपत्ति की तो उस पर लड़कियों की तस्करी का आरोप लगाकर उसे पीटने लगा। उसे जेल भेजने की धमकी देकर तीन हजार रुपये वसूल लिए।

जैसे ही ट्रेन चलने को हुई उसने धक्का देकर यात्रियों को बैठाना शुरू किया। चलती ट्रेन में बैठाने के लिए धकेलने के दौरान ही रीता और जयदीप गिर पड़े। इसमें रीता गंभीर रूप से घायल हो गई। किसी यात्री ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई। रीता को पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई।

मामले को दबाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवान बुधवार की सुबह अस्पताल पहुंचे और मानिक से यह कबूलवाने में लगे रहे कि रीता को किसी सिपाही ने धक्का नहीं दिया। मानिक बयान आधार पर आरपीएफ के जवान की शिनाख्त हुई। जांच में देर शाम आरपीएफ के सिपाही शरतचंद्र दुबे को घटना के लिए जिम्मेदार पाया गया। जीआरपी के एसएसआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सिपाही शरतचंद्र दुबे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, लूट और रंगदारी वसूलने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अति संवेदनशील ट्रेनों में चलेगा जीआरपी स्क्वाड

ट्रेनों में लगातार हो रही वारदातों के बाद रेल मंत्रालय ने ट्रेनों को सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणी में बांटेगा। रेल मंत्रालय ने सभी मंडल मुख्यालयों से सुरक्षा के दृष्टि से सर्वे कराकर सेक्शन और ट्रेनों की सूची मांगी है। रेल मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार चिन्हित की गई अति संवेदनशील ट्रेनों और सेक्शन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। सर्वे का काम इस सप्ताह के अंत तक पूरा हो जाएगा।

रेल मंत्रालय की गाइड लाइन के आधार पर ट्रेनों में हुई डकैती, लूट और चोरी की घटनाओं, समय और स्थान के आधार पर अति संवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य ट्रेनों और सेक्शन का चिन्हांकन शुरू हो गया है। सर्वे में चिन्हित श्रेणी के आधार पर ट्रेनों में समय और घटनास्थल के आधार पर जीआरपी और आरपीएफ का स्क्वाड चलेगा। अतिसंवेदनशील ट्रेनों में जहां जीआरपी का स्क्वाड होगा वहीं संवेदनशील ट्रेनों में आरपीएफ का। अति संवेदनशील ट्रेनों में जीआरपी भारतीय दंड संहिता के अनुसार त्वरित कार्रवाई करेगी। वहीं आरपीएफ रेलवे एक्ट के तहत अपनी कार्रवाई को अंजाम देगी। आपराधिक घटना होने पर आरपीएफ मामले को जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर देगी। इन ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें औचक चेकिंग भी करेंगे।

यह होगी सुरक्षा
ट्रेन में चलने वाले स्क्वाड को थाना जीआरपी, आरपीएफ, लोकल पुलिस ओर कंट्रोल रूम का नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। जीआरपी व आरपीएफ ट्रेनों में वारदात करने वालों के फोटो, नाम, पता, अपराध करने के तरीकों की सूचनाएं आपस में आदान प्रदान करेंगे। अति संवेदनशील ट्रेन में स्क्वाड इंचार्ज समेत पांच सदस्य होंगे। हर तीन महीने में एसपी जीआरपी व सीनियर डीएसपी आरपीएफ संयुक्त रूप से समीक्षा करेंगे। डकैती, लूट, चोरी आदि घटना होने पर संबंधित थाना प्रभारी को लिए गए एक्शन का रिकार्ड 24 घंटे में अफसरों को उपलब्ध कराना होगा। एसपी रेलवे वैभव कृष्णा का कहना है कि सर्वे संबंधी पत्र मिल गया है। ट्रेनों को सर्वे जारी है। जल्दी ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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