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कांग्रेस, सपा और बसपा से छिना कमरा

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लोकसभा चुनाव में बुरे प्रदर्शन की मार कांग्रेस को संसद में कमरा आवंटन के मामले भी झेलनी पड़ी है। पार्टी को संसद भवन में अब तीन की जगह दो कमरों में ही गुजारा करना पड़ेगा।
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इसके अलावा सपा और बसपा को भी तगड़ा झटका लगा है। कमरा हासिल करने के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली भाजपा, अन्नाद्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, बीजद, टीडीपी को फायदा हुआ है।

भाजपा को पिछली लोकसभा में मिले तीन कमरों के अतिरिक्त तीन और कमरे हाथ लगे हैं। जबकि बीती लोकसभा में दो-दो कमरे हासिल करने वाली सपा और बसपा अब महज एक-एक कमरे में सिमट कर रह गई  हैं।
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खास बात यह है कि इस बार लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद को संसद में एक भी कमरा नहीं मिला है। गत लोकसभा में जमीनी तल का बड़ा कमरा हासिल करने वाली जदयू को अब तीसरी मंजिल के छोटे से कमरे में गुजारा करना होगा। नए दलों में महज टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस को कमरा हासिल करने में सफलता हाथ लगी है।

पिछली लोकसभा में कमरा संख्या 24, 25 और 125ए में कब्जा करने वाली कांग्रेस को कमरा संख्या 125ए खाली करना होगा। उसे अब केवल कमरा संख्या 24 और 25 से ही काम चलाना होगा।

राजद को नहीं मिला एक भी कमरा

इसी प्रकार सपा को अब महज कमरा संख्या 130 से तो बसपा को द्वितीय तल स्थित कमरा संख्या 95 से ही गुजारा करना पड़ेगा। पहले सपा और बसपा के पास दो-दो बड़े कमरे थे।

राजद को तो नई लोकसभा में संसद भवन में एक भी कमरा नहीं मिला है। कमरा आवंटन मामले में सर्वाधिक फायदे में भाजपा रही है। नई लोकसभा में पार्टी को छह कमरे आवंटित हुए हैं।

पहले पार्टी कमरा संख्या 2, 3 और 5बी से काम चलाती थी। अब उसे इन तीन कमरों के अतिरिक्त कमरा संख्या 4, 5ए और 5सी भी आवंटित किया गया है।

अन्नाद्रमुक, टीएमसी को आवंटित कमरे की संख्या एक से बढ़ कर दो हो गई है। नए दलों में टीआरएस को 125ए-2 और वाईएसआर कांग्रेस को कमरा संख्या 126ए आवंटित किया गया है।

इस क्रम में जदयू से ग्राउंड फ्लोर स्थित बड़ा कमरा छिन गया है। पार्टी को अब थर्ड फ्लोर के छोटे से कमरे में गुजारा करना पड़ेगा। इस क्रम में अकाली दल, एनसीपी, टीडीपी ने अपने पुराने कमरों पर कब्जा बरकरार रखा है।

कांग्रेस की एक नहीं सुनेगी सरकार

कांग्रेस को न तो लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद मिलेगा और न ही उसे सदन में आगे की चार सीटें मुहैया कराई जाएंगी। सूत्रों पर यकीन करें तो अन्नाद्रमुक संसदीय दल के नेता एम थंबीदुरई को डिप्टी स्पीकर बनाने का फैसला हो चुका है।

सरकार और स्पीकर की ओर से कांग्रेस नेतृत्व को इस आशय का साफ संदेश दिया जा चुका है। नई व्यवस्था के मुताबिक अब न केवल आगे की बल्कि सदन की अन्य पंक्तियों की सीटों का फैसला भी दल के संख्या बल के अनुसार किया जाएगा।

इस कारण नई लोकसभा में एक दल के सांसद एक ही ब्लॉक में बैठे नहीं दिखेंगे। इसके अतिरिक्त बेहद कम सीट हासिल करने वाले दलों को हर हाल में पीछे की सीट पर ही संतोष करना होगा।

स्पीकर की तय की गई व्यवस्था के मुताबिक सदन की आगे की 20 सीटों में से एनडीए के हिस्से 12, कांग्रेस के हिस्से 2 और अन्नाद्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, बीजेडी, सपा और जदएस को एक-एक सीट मुहैया कराई जाएगी।
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एनडीए में कौन कहां बैठेगा

डिप्टी स्पीकर का पद मिलने पर अन्नाद्रमुक को आगे की 2 सीटें मिलेंगी। स्पीकर ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की वरिष्ठता के मद्देनजर इन्हें आगे की सीट मुहैया कराने का मन बनाया है।

सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि चूंकि अन्नाद्रमुक एनडीए में शामिल नहीं है, इसलिए डिप्टी स्पीकर का पद इस दल को दिए जाने पर कांग्रेस के विरोध को ज्यादा महत्व नहीं मिलेगा।

स्पीकर के फार्मूले के मुताबिक एनडीए को मिलने वाली 12 सीटों में से भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना, टीडीपी और लोजपा को एक-एक सीट देगी। बाकी की नौ सीटों में से प्रधानमंत्री मोदी की बगल वाली सीट पर कोई नहीं बैठेगा।

इसके बाद शेष 7 में से 6 सीटों पर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी बैठेंगे। एक सीट पर पूर्व डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा, कलराज मिश्र और शांता कुमार में से किसी एक का चयन किया जाएगा।
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