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रोहित मामले में प्रदर्शन जारी, सुलह-समझौते की कोशिशें तेज

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रोहित वेमुला आत्महत्या मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पसंद नहीं आया है। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए आंदोलन तेज करने की बात कही है। छात्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की विरोध प्रदर्शन खत्म करने की अपील भी खारिज कर दी है।
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छात्रों के आंदोलन की अगुवाई कर रही ज्वाइंट एक्शन काउंसिल ने पीएम द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय में दिए गए बयान पर असंतुष्टि जाहिर की है। काउंसिल के अनुसार मोदी की ओर से प्रकट की गई शोक संवेदना बहुत अपमानजनक है। उन्होंने रोहित को भारत माता का बेटा कहा है। काउंसिल रोहित का राजनीति के लिए इस्तेमाल करने की निंदा करती है।

रोहित तथा सामाजिक रूप से बहिष्कृत लोग हमेशा हिंदुत्व और मनुवादी राजनीति के खिलाफ रहे हैं। काउंसिल ने यह भी कहा है कि पीएम द्वारा इस घटना में कोई कार्रवाई नहीं करना उनके राजनीतिक हितों को दर्शाता है। इस बीच केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा शनिवार को हैदराबाद में ही थे। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। छात्रों को पूरा न्याय मिलेगा। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी जगह अड़े हुए हैं। सात छात्रों की भूख हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रही।
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प्रधानमंत्री की संवेदना काफी नहीं

हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी के मामले में कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर्फ संवेदना व्यक्त करने से संतुष्ट नहीं है। पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस मामले में पांच दिनों बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने भावनात्मक बातों का सहारा लिया लेकिन दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सोचना चाहिए कि देश भर के शिक्षण संस्थानों के छात्रों में इतना गुस्सा क्यों हैं? एफटीआईआई, आईआईटी चेन्नई, जाधवपुर विश्वविद्यालय समेत अन्य शैक्षणिक संस्थानों में क्या हो रहा है?

शर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की क्षमता पर भी सवाल उठाया और कहा कि देश प्रधानमंत्री से इस संदर्भ में कार्रवाई की अपेक्षा रखता है। उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्री, बंडारू दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य दोषियों के विरुद्ध उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देनी चाहिए। पार्टी प्रवक्ता ने इस मुद्दे को संसद के बजट सत्र में उठाए जाने तथा सरकार को घेरने की संभावना से इनकार नहीं किया।
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