हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले की सच्चाई जानने के लिए भेजी गई टीम की रिपोर्ट के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पूरे मामले की कड़ी जोड़ने के लिए एक न्यायिक आयोग बनाने का फैसला किया है।
मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि आयोग तीन माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इसमें कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालयों के सभी कुलपतियों और वरिष्ठ प्रशासकों को संवेदनशील बनाया जाएगा ताकि उनके पास तक छात्रों की समस्या पहुंच सके।
इसमें यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसरों में भेदभाव की किसी भी घटना को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।