यूफोरिया बैंड के लीड सिंगर पलाश सेन आईआईटी बॉम्बे में दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर फंस गए हैं। संस्थान की एक महिला रिसर्चर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में कंसर्ट के दौरान उनकी टिप्पणी पर एक ब्लॉग लिखा, जो वायरल हो गया है।
2000 की शुरुआत में अपने खास हिंदी रॉक गीतों से मशहूर हुए सेन पर मूड इंडिगो फेस्टिवल के दौरान शनिवार को यह टिप्पणी करने का आरोप लगा है।
अर्पिता बिस्वास ने लिखा है, "इसकी शुरुआत कैम्पस में आईआईटी के लड़कों की सबसे बड़ी चिंता से हुई। क्या लड़कों के देखने लिए कैम्पस में पर्याप्त खूबसूरत लड़किया हैं।" सो पलाश सेन ने सवाल किया, "क्या आईआईटी बॉम्बे में खूबसूरत लड़कियां हैं।"
उन्होंने लिखा है जब युवकों ने एक साथ 'ना' कहा, तो आईआईटी की युवतियों को काफी बुरा लगा। उन्होंने लिखा, "पलाश पुरुषों का हौसला बढ़ाते हुए बोले, 'चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब आप कैम्पस से बाहर निकलेंगे, तो बेहद खूबसूरत लड़कियां मिलेंगी। और वो तुम्हारे लिए रोटी बेलेंगीं।"
सेन ने अपनी सफाई में कहा कि रॉक कंसर्ट के दौरान कही गई उनकी बात तोड़-मरोड़कर पेश की गई। उन्होंने कहा, "मुझे लड़कियों की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। जब मैंने पूछा कि लड़कियां कहां हैं, तो लड़कों ने कहा कि यहां कोई लड़कियां मौजूद नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "जब मैंने पूछा कि ऑडियंस में मौजूद खूबसूरत लड़कियां कौन हैं, तो पुरुषों ने कहा कि वे बाहर से आई हैं। मैं हैरान रह गया और मैंने कहा कि ईश्वर की सबसे बढ़िया कृति महिला है!"
सेन के मुताबिक वह शारीरिक संरचना पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, "एक शख्स ने मेरी बातों को गलत तरह से पेश किया। क्या मुझे स्टेज पर पॉलिटकली करेक्ट बातें कहनी थीं? मैं नौजवानों से बात कर रहा था, उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अलग होता है।"