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बदसलूकी पर फंसे वाड्रा, मोदी सरकार कर सकती है कार्रवाई

Mon, 03 Nov 2014 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मीडिया से बदसलूकी करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा बुरे फंसते नजर आ रहे हैं। पत्रकार से बदतमीजी के बाद उठे सियासी बवंडर के बीच भाजपा ने उनकी सुरक्षा तत्काल वापस लेने की मांग की है। जबकि कांग्रेस ने वाड्रा के बचाव में उतरते हुए मीडिया को निजता का सम्मान करने की नसीहत दी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपने दामाद से मुलाकात की है।
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माकपा महासचिव प्रकाश करात और वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने वाड्रा से माफी मांगने की मांग की है। पत्रकार से बदसलूकी मामले में कांग्रेस ने मीडिया को निजता के सम्मान की नसीहत तो भाजपा को अपने गिरेबां में झांकने को कहा है। पार्टी ने कहा कि मीडिया को निजता का सम्मान करते हुए लगातार उकसाने वाले सवाल नहीं पूछने चाहिए। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘वाड्रा न तो सार्वजनिक पद पर हैं और न ही राजनीतिक दल के पदाधिकारी ही हैं। ऐसे में उनकी निजता का न सिर्फ सम्मान किया जाना चाहिए, बल्कि पत्रकारों को निजी समारोहों में अप्रिय सवालों को बार बार पूछने से भी बचना चाहिए।’ सुरजेवाला ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि इस मुद्दे को तूल देने वाली भाजपा को अपने प्रधानमंत्री का भी आचरण याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी एक साक्षात्कार के दौरान माइक फेंक चुके हैं और साक्षात्कार छोड़ कर भी जा चुके हैं।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने वाड्रा का बचाव करते हुए कहा, 'आखिर एक आम इंसान को बेवजह क्यों सताया जा रहा है? अगर उन्होंने कोई कानून तोड़ा है, तो मुकदमा चलाएं। अगर बेवजह मीडिया की तवज्जो न्यायोचित नहीं है। सच तो यह है कि मीडिया की ओर से उन्हें मिल रही तवज्जो से हम नेताओं को जलन हो रही है। आपके लिए हम असली पंचिंग बैग हैं। उन्हें छोड़ दीजिए!'
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भाजपा और माकपा ने की वाड्रा की निंदा

उधर, भाजपा और माकपा ने वाड्रा के व्यवहार की निंदा की। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मीडिया को सवाल पूछने और संबंधित शख्सियत को जवाब देने या न देने का अधिकार है। वाड्रा जवाब देने से मना कर सकते थे, उन्हें पत्रकार से बदसलूकी का अधिकार नहीं है। वह एक आम इंसान नहीं हैं, अगर ऐसा होता, तो जमीन घोटाले में उनके खिलाफ जांच अब तक शुरू हो जाती।

प्रवक्ता ने वाड्रा की सरकारी सुरक्षा तत्काल वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि वह अपनी सुरक्षा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। माकपा महासचिव प्रकाश करात और वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने भी वाड्रा के व्यवहार की निंदा की। करात ने कहा कि वाड्रा को अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए। जबकि येचुरी ने वाड्रा से जुड़े जमीन सौदे की जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके व्यवहार को किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

शिकायत मिली तो कार्रवाई करेगी सरकार
पत्रकार से बदसलूकी के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि अगर इस मामले में शिकायत मिलती है कि वह कार्रवाई करेगी। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अगर सरकार को औपचारिक शिकायत मिलती है तो वह मामले का संज्ञान में लेगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर हम इस मामले में आगे बढ़ेंगे।

क्या था मामला
रॉबर्ट वाड्रा शनिवार को खुद से जुड़े विवादास्पद जमीन सौदे संबंधी सवाल पर भड़क गए थे। उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार के माइक को झटकते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया था। टीवी फुटेज में बार-बार पत्रकार से यह पूछते हुए दिखाए गए हैं कि जमीन सौदे को लेकर किए गए सवाल पर वह वाकई गंभीर है।
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