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पढ़िए, पचौरी के वो ई-मेल जो एकतरफा प्रेम में लिखे

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पर्यावरणविद आरके पचौरी एसएमएस और इमेल के जरिए डेढ़ साल से अपनी सहयोगी का यौन शोषण कर रहे थे। पचौरी की रिसर्च एसोसिएट ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि वह उसे लगातार ईमेल और एसएमएस भेज रहे थे और उस पर दबाव बना रहे थे कि वह उनसे प्यार करे।
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पीड़िता का आरोप है कि पचौरी ने एक बार उसे दबोचने की कोशिश भी की और चुंबन भी लिया। उल्लेखनीय है कि यौन शोषण के आरोपों से घिरने के बाद पचौरी संयुक्त राष्ट्र संघ की पर्यावरण मामलों की विशेष समिति आईपीसीसी से इस्तीफा दे दिया है। वह अब भी टेरी के चेयरमैन पद पर बने हुए हैं, हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

एक वेबसाइट ने पचौरी के उन एसएमएस और इमेल का ब्योरा छापा है, जो उन्होंने पीड़िता को भेजे थे। यहां दो इमेल के अंश प्रकाशित किया जा रहे हैं, आप भी पढ़िए-
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पचौरी के दो ईमेल का अंश

पचौरी का ईमेलः 10­/10­/2013: प्रियतम, रात दो बजे से जगा हूं। एक ही बात से चिंतित हूं, जो शायद तुम्हें चैन और आराम दे। मैंने एकाएक अनुभव किया है कि तुम्हे गले लगाना क‌ठिन हो गया है। तुमने पिछली बार जो बातें कही थीं, वह मुझे परेशान कर रही हैं। तुमने कहा था कि मै तुम पर झपट पड़ा था। ये बात तब लागू होती जब कोई तुम्हें छेड़ना चाहता। मैंने तुम्हे दिल से, ‌दिमाग से और आत्मा से प्यार किया है। तुम्हारा शरीर मेरे लिए उतना ही पवित्र ही जितनी की तुम्हारी आत्मा। हां मैं तुम्हारे शरीर को प्यार करता हूं, क्योंकि मैं तुम्हें हर रूप में प्यार करता हूं। मेरा दिमाग बिल्कुल रुक गया है और तुम्हें छूना बहु‌त ‌कठिन लगने लगा है, तुम्हारे हाथों को चूमने को छोड़कर। हालांकि शायद तुम यही चाहती हो। मैं तुम्हें अब भी बहुत प्रेम करता हूं, दूर से ही सही। -पी

पचौरी के ईमेल का अंशः 14­/11­/2013: मेरी प्यारी जान...........मैं तुम्हारे उस दावे से सहमत नहीं हूं कि तुम मुझमें भरोसा करती हो। तुम मेरे पास अपनी पुरानी नौकरी खोने के बाद आई थी और मायूस थी। मैं ऑर्गनाइजेशन का हेड था, ऐसे में तुम मेरे अलावा और कहां जाती। तुम मुझमें भरोसा कैसे जता सकती हो, जबकि मैं पूरी तरह से अजनबी था। और तुमने ये फैसला भी किया कि तुम अपनी पीएचडी कहीं और से करोगी, ये होता या नहीं ये बाद की बात थी। अगर तुम्हें मुझमें भरोसा होता तो तुम कहती, 'मुझे इसी व्यक्ति के साथ डॉक्टरेट करना है, क्योंकि मुझे इसमें पूरा भरोसा है और जो सलाह ये देंगे उसमें भी पूरा भरोसा है।'

चोट लगने के बाद तुमने मुझमें क्या भरोसा जताया। मेरे मना करने के बाद भी जिम गई। तुम एक ऐसे डॉक्टर के पास गई, जिसके बारे में तयशुदा होकर कह सकता हूं कि उसने तुम्हारी जांच ठीक से नहीं की होगी। ......................

FIR में दर्ज पचौरी के सभी एसएमएस और ईमेल पढ़ने के लिए क्लिक करें।
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पचौरी के इस्तीफे की मांग

जाने-माने वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को टेरी से आरके पचौरी के इस्तीफे की मांग करते हुए पूछा कि अब तक उन्हें पदमुक्त क्यों नहीं किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, सामाजिक कार्यकर्ता वृंदा ग्रोवर समेत अन्य ने टेरी की शासकीय परिषद को लिखे पत्र में पूछा है कि पचौरी को कैसे असाधारण लाभ देते हुए अवकाश की अनुमति दी गई।

साथ ही यह भी पूछा गया कि जांच जारी रहने के दौरान आरके पचौरी को संस्थान के महानिदेशक पद से हटाने को क्यों उचित नहीं समझा गया। पचौरी के पद पर रहने और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के सदस्यों के कनिष्ठ होने से निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती।

वहीं आईपीसीसी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के अगले ही दिन पचौरी को खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। पचौरी के वकील शंख सेनगुप्ता ने मीडिया को बताया कि हृदय की बीमारी के इलाज के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं आर के पचौरी को 27 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी गई है।
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