गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा नरेंद्र मोदी ने 'देवालय से पहले शौचालय' का बयान क्या दिया, विरोधी दल कांग्रेस के साथ-साथ उनके अपने सहयोगियों में भी जंग शुरू हो गई।
मोदी के इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा था, "मोदी के इस बयान से वीएचपी असहमत हैं, जिसमें उन्होंने देवालय से पहले शौचालय पहले वाली बात कही।"
उन्होंने कहा था, "शौचालय की चर्चा करते वक्त देवालय का जिक्र करने की कोई जरूरत नहीं थी। ऐसा कर उन्होंने देवालय के नाम पर हिंदू धर्म का हिंदू आंदोलन का मोदी ने अपमान किया। इसलिए हिंदुत्ववादी दुखी हैं।"
लेकिन आज इस मुद्दे पर खुद वीएचपी बंटी हुई नजर आई। वीएचपी के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल मोदी के पक्ष में कूछ आए हैं।
उन्होंने शुक्रवार को कहा, "मोदी ने कोई गलत बात नहीं कही है। लोग सबसे पहले शौचालय जाते हैं। तोगड़िया का बयान व्यक्तिगत है, वीएचपी का नहीं।"
मोदी ने 2 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में यह बयान दिया था। उन्होंने कहा, "मेरी छवि हिंदूत्ववादी नेता की है, लेकिन फिर में भी यह कहने का साहस रखता हूं कि देवालय से पहले शौचालय बनने चाहिए।"
उनके इस बयान पर कांग्रेस ने भी तीखा हमला बोला और कहा था कि जब जयराम रमेश ने यही सलाह साल भर पहले दी थी, तो भाजपा ने उन्हें देशी से माफी मांगने को कहा था। लेकिन अब भाजपा क्या कहेगी।