मनमोहन सरकार के आखिरी मंत्रिमंडल फेरबदल में कइयों की लाटरी निकली तो कइयों के पर कतरे गए। भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद सलमान खुर्शीद को बेहद अहम विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने से सब चौंक गए तो पल्लम राजू, अश्विन कुमार और पवन बंसल का भी कद बढ़ा दिया गया। वहीं, जयपाल रेड्डी के पर कतरे गए तो श्रीकांत जेना को कैबिनेट में प्रमोशन नहीं मिला। उधर, हरीश रावत का पद तो बढ़ा दिया गया, मगर उनकी सियासी हैसियत के मुताबिक हेवी वेट मंत्रालय नहीं दिया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरदबल में कई मंत्री एक ही छलांग में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। पल्लम राजू रक्षा राज्यमंत्री से सीधे हेवी वेट मानव संसाधन विकास महकमे के मंत्री हो गए हैं। अश्विनी कुमार भी राज्यमंत्री से कैबिनेट बन गए हैं। उन्हें कानून मंत्री बनाया गया है। लुधियाना से सांसद मनीष तिवारी की तो बंपर लाटरी निकली है। उन्हें सांसद से सीधा अहम सूचना और प्रसारण मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।
दूसरी तरफ मनमोहन सरकार के हैवी वेट मंत्री कपिल सिब्बल की जिम्मेदारी घटाई गई है। उनके पास दो अहम मंत्रालय थे। जिनमें से उनका सबसे पसंदीदा मानव संसाधन मंत्रालय उनसे ले लिया गया है। पवन बंसल को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी उनके लिए लाटरी मानी जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभाग देकर वीरप्पा मोइली का कद बढ़ाया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय छीनकर जयपाल रेड्डी को विज्ञान व तकनीक मंत्रालय जैसा हलका मंत्रालय दिया गया है। कमलनाथ की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। उन्हें शहरी विकास मंत्रालय के साथ ही संसदीय कार्य मंत्रालय जैसी बेहद बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राहुल के युवा ब्रिगेड के चेहरों अजय माकन, पल्लम राजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, भरत सोलंकी और जितेंद्र सिंह की तो वाकई में लाटरी ही लगी है।