कारपोरेट मामलों के नवनियुक्त मंत्री सचिन पायलट ने रविवार को कहा है कि देश में कंपनियों से संबंधित सभी मामलों की जांच पारदर्शी तरीके और बिना किसी पक्षपात के कराई जाएगी। मालूम हो कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर लगे आरोपों की जांच कंपनी मामलों का मंत्रालय कर रहा है।
राजस्थान के अजमेर से सांसद पायलट ने कहा कि कानून पहले से है। मंत्रालय के तहत चल रहे सभी मामलों की जांच पूरी ईमानदारी, पारदर्शी ढंग से और बिना किसी भेदभाव के पूरी होंगी। मंत्रालय कारपोरेट वर्ल्ड, व्यक्तिगत लोगों और अन्य सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने को तैयार है। आगे बढ़ने के लिए हम सर्वश्रेष्ठ तरीका निकालेंगे।
कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत कंपनी पंजीयक, गंभीर अपराध जांच कार्यालय (एसएफआईओ) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) आते हैं, जिनके पास पूरे कारपोरेट जगत के नियमन का अधिकार है। मंत्रालय ने हाल ही में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड के वित्त पोषण के स्रोतों की जांच का काम शुरू किया है।
कांग्रेस के युवा मंत्री ने कहा कि मंत्री के रूप में मेरा लक्ष्य कामकाज में पूरी पारदर्शिता बरतना होगा। मंत्रालय के सामने फिलहाल जो प्रमुख मुद्दे हैं, उनमें नया कंपनी विधेयक और प्रतिस्पर्धा कानून में बदलाव शामिल हैं।