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‘अखबारों से पता चला हमें हिंदू बना दिया'

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37 मुसलिम परिवारों के धर्मांतरण का मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद ठेकेदार इस्माइल ने छल करने का आरोप किशोर वाल्मीकि पर लगाया है। मुकदमे में यह भी आरोप लगाया कि राशन और बीपीएल कार्ड बनवाने के नाम पर सभी लोगों को हवन में बैठाया गया।
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इसके बाद मीडिया के सामने लाकर फोटो खिंचवाए गए। इस्माइल ने इस पूरे प्रकरण के लिए किशोर वाल्मीकि को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। धर्मांतरण प्रकरण के अगले ही दिन मंगलवार शाम को एसीएम (चतुर्थ) केहरी सिंह और सीओ सदर असीम चौधरी ने देवरी रोड स्थित बस्ती में लोगों के बयान दर्ज किए थे।

इस्माइल की तहरीर पर किशोर वाल्मीकि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस्माइल ने मुकदमे में लिखा है कि वह कबाड़े का काम करता है। बस्ती में 56 परिवार मुसलिम और तीन परिवार हिंदू हैं। ज्यादातर लोग पश्चिम बंगाल और बिहार के रहने वाले हैं।
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पड़ोसी किशोर वाल्मीकि 20 दिन पहले यहां आया। राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड, पहचान पत्र बनवाने का लालच दिया। फार्म भरवाने की बात कही। आठ दिसंबर को किशोर ने गोदाम पर आकर सफाई करवाई। हवन कुंड तैयार करा दिया। सभी लोगों को साथ में बैठाकर हवन कराया।
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किशोर वाल्मीकि के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

इसके बाद सभी को तिलक लगाकर कलावा भी बांधा। पत्रकारों को बुलाया। उन्होंने फोटो खींचे। किशोर ने चलते समय मूर्ति भी दी। हम लोग राशन कार्ड और बीपीएल कार्ड के लालच में उसका कहा मानते रहे।

दूसरे दिन अखबारों से पता चला कि हमें हिंदू बना दिया है। किशोर ने धोखाधड़ी की है। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। किशोर की तलाश की जा रही है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस्माइल ने जिस किशोर वाल्मीकि पर आरोप लगाया है कि उसका सही पता पुलिस को नहीं है। उसके पिता का नाम क्या है और उसका घर कहां है? अब तक पुलिस के पास जानकारी नहीं है। इतना पता है कि वह कबाड़ का काम करता है।

मुनिरा बेगम ने उठाई आवाज

इस्माइल की पत्नी मुनीरा बेगम ने अधिकारियों को बताया कि हमारा कलाम पाक हमारे पास है। हमारे पास काबा की तस्वीर भी हैं। धर्म परिवर्तन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमने धर्म परिर्वतन नहीं किया है। जब से पता चला है परेशान हैं। रिश्तेदार भी फोन करके पूछ रहे हैं।
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