लाल किला गोलीकांड मामले में फांसी की सजा पाए मोहम्मद अशफाक उर्फ आरिफ की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई ओपन कोर्ट में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने आरिफ की इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि उसकी पुनर्विचार याचिका पर ओपन कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई थी।
मालूम हो कि आरिफ की पुनर्विचार याचिका और बाद में सुधारात्मक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आरिफ को बचाव का एक और मौका देते हुए कहा कि अगर वह एक महीने के भीतर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर देता है तो उसकी याचिका पर ओपन कोर्ट में सुनवाई होगी।
पीठ ने कहा कि आरिफ को बचाव का एक और मौका मिलना चाहिए भले ही उसकी सुधारात्मक याचिका भी खारिज हो चुकी है। संविधान पीठ ने उस पूर्व आदेश में बदलाव किया है जिसमें फांसी की सजा पाए दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं को ओपन कोर्ट में सुनवाई करने का निर्णय लिया गया था, बशर्ते उनकी सुधारात्मक याचिका खारिज न हुई हो।