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एएमयू: फेसबुक पर कुलपति को ‘बेअकल’ कहने पर सस्पेंड

Thu, 24 Jul 2014 03:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरउद्दीन शाह को फेसबुक पर ‘बेअकल’ कहना इतिहास विभाग के रीडर डॉ. सैयद अली नदीम रिजवी को भारी पड़ा। कुलपति ने रीडर डॉ. रिजवी को जांच पूरी होने तक के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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इसके साथ ही आदेशित किया गया है कि कुलपति की लिखित अनुमति के बगैर डॉ. रिजवी अलीगढ़ से बाहर नहीं जा सकेंगे। अमुटा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण एवं जल्दबाजी में लिया गया कदम करार दिया है।

इतिहास विभाग के रीडर डॉ. सैयद अली नदीम रिजवी ने अलीगढ़ हिस्टोरियन्स सोसायटी की इंक्वायरी से संबंधित मसले पर 12 जुलाई को फेसबुक पर कुलपति को ‘बेअकल’ समेत कुछ अन्य टिप्पणी कर दी थी।
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मामले की जांच के लिए बनेगी कमेटी

फेसबुक पर इस टिप्पणी को विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग बुलाई थी। काउंसिल के उपस्थित 15 सदस्यों ने एक स्वर में डॉ. रिजवी की टिप्पणी को लांछन लगाने वाला और अपमानित करने वाला करार देते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति, निलंबन सहित की थी और साथ ही इसके लिए कुलपति को अधिकृत भी कर दिया था।

कुलपति स्वयं उस मीटिंग में मौजूद नहीं थे। ईसी के फैसले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. सैयद अली नदीम रिजवी को निलंबित कर दिया है। बुधवार सुबह डॉ. रिजवी के घर पर निलंबन का आदेश उनकी अनुपस्थिति में उनकी बहन से रिसीव करा दिया गया। कुलपति ने ईसी द्वारा दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। इस मामले की जांच कमेटी द्वारा कराई जाएगी।

पीआरओ डॉ. राहत अबरार ने बताया कि अभी कमेटी के सदस्यों के नामों का खुलासा नहीं हुआ हैं। इलाहाबाद से रीडर डॉ. सैयद अली नदीम रिजवी ने फोन पर बताया कि बहन से निलंबन की सूचना मिली है। कुलपति मेरे ऊपर दो साल से जुल्म ढा रहे हैं। निलंबन वापस नहीं लेंगे तो कोर्ट की शरण में जाएंगे।
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