अमेरिकी चुनाव में बढ़ रही मुस्लिम विरोधी बयानबाजी के बीच अपने कार्यकाल के दौरान पहली बार मस्जिद पहुंचे राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे को लेकर भारत में मुस्लिम नेता स्वागत तो कर रहे हैं। मगर इराक, अफगानिस्तान समेत कई देशों में आतंकवाद के नाम पर अमेरिका की ओर से छेड़े गए युद्ध अभियान को लेकर उनका गुस्सा बना हुआ हैं। मुस्लिम नेता अमेरिका और इस्राइल की दोस्ती से भी खफा हैं।
जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों पर हमलों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने मस्जिद में ओबामा के दौरे को महज चुनावी दांव करार दिया। वहीं फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम कहते है कि अमेरिका द्वारा मुसलमानों पर हो रहा अत्याचार ओबामा को बंद करना चाहिए।
जामा मस्जिद के शाही इमाम कहते है कि अमेरिका की हमेशा से दोहरी नीति रही है। अमेरिका इस्राइल का पूरा साथ दे रहा है। सीरिया में हिंसा के पीछे भी अमेरिका का पूरा हाथ है। वहां वे सुन्नियों को मारने में शिया नेताओं का साथ दे रहे हैं। भारत में मुस्लिमों का एक गुट मानता है कि अमेरिका पहले अपने सैनिकों को लड़ाता था और अब मुसलमानों को आपस में लड़ा रहा है।
फतेहपुरी मस्जिद के मुफ्ती मुकर्रम शाही इमाम कहते है कि ओबामा पहले भी महसूस करते होंगे कि इस्लाम का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है। मगर पद पर रहते हुए बात जुबान पर नहीं आई। अब अंतिम कार्यकाल में सच्चाई बोली है तो अच्छी बात है।