भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई के बढने की आशंकाओं के मद्देनजर आशा के अनुरूप नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है जिससे आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण के सस्ते होने की उम्मीद नहीं है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज यहां चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करते हुये कहा कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई कम होते हुये यदि उसके लक्षित स्तर की ओर लुढकती है तो निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढोतरी नहीं की जायेगी।
रिजर्व बैंक ने अल्पकालिक ऋण दरों, रेपो और रिवर्स रेपो के साथ ही नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बैंक दर मार्जिनल स्टैडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) में कोई बदलाव नहीं किया है।
रेपो दरें 8.0 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 7.0 प्रतिशत, बैंक दर 9.0 प्रतिशत, सीआरआर 4.0 प्रतिशत, एमएसएफ 9.0 प्रतिशत पर यथावत है। वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) भी 23 प्रतिशत पर यथावत है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर पांच से छह प्रतिशत तक रह सकती है और जनवरी 2015 तक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई आठ प्रतिशत तथा जनवरी 2016 तक यह छह प्रतिशत पर आ सकती है।