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राशिद अल्वी की कांग्रेस प्रवक्ता पद से छुट्टी

Sun, 05 May 2013 11:44 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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भ्रष्टाचार के मोर्चे पर विपक्षी दलों के हमलों से चौतरफा घिरी कांग्रेस अब बचाव की जगह जवाबी आक्रमण को अपना हथियार बनाएगी।
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इसके लिए पार्टी ने तेजतर्रार नेताओं वाली प्रवक्ताओं की नई टीम को मैदान में उतार दिया है। नई टीम में राशिद अल्वी जगह पाने में नाकामयाब रहे हैं तो शकील अहमद की वापसी हुई है।

राज बब्बर, मोहन प्रकाश, मीम अफजल और भक्त चरण दास नए चेहरे हैं। पुरानी टीम की रेणुका चौधरी, संदीप दीक्षित और पीसी चाको नई टीम में भी हैं।

रविवार को घोषित की गई नई टीम के साथ बैठक कर मीडिया प्रभारी तथा पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने प्रवक्ताओं को विपक्ष पर जवाबी हमला बोलने की सीख दी।

उधर, सभी स्तरों पर विपक्ष पर जवाबी हमला बोलने की सीख देने के लिए पार्टी आलाकमान ने सभी सांसदों को दिल्ली तलब किया है। माना जा रहा है कि सभी सांसदों को भी विपक्ष के खिलाफ आक्रामक भूमिका निभाने का निर्देश दिया जाएगा।
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लोक सभा चुनाव की दृष्टि से गठित की गई नई टीम में तेजतर्रार, आक्रामक और वाक्पटु नेताओं को जगह दी गई है।

खासतौर से हिंदी भाषी और उत्तर भारत में पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए नई टीम में जहां शकील अहमद, मोहन प्रकाश, राज बब्बर को शामिल किया गया है, वहीं हिंदी-अंग्रेजी में समान अधिकार रखने वाले पुरानी टीम के संदीप दीक्षित को नई टीम में भी जगह दी गई है।

नई टीम में राशिद अल्वी जगह पाने में कामयाब नहीं रहे हैं, मगर चर्चा है कि इन्हें पदोन्नति देकर महासचिव बनाया जा सकता है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार विपक्षी हमले के निशाने पर रही पार्टी आलाकमान ने जवाबी आक्रमण के लिए तेजतर्रार और आक्रामक नेताओं को चुना है।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2जी मामले में जेपीसी की रिपोर्ट पर विपक्ष का तीखा हमला झेल रहे पीसी चाको को प्रवक्ताओं की नई टीम में भी शामिल किया गया है।

नई टीम में शामिल प्रवक्ताओं को काम के अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिए इन्हें मिली राज्यों की जिम्मेदारी भी वापस लिए जाने की बात चल रही है।

मसलन इनमें शकील अहमद और मोहन प्रकाश के पास कई राज्यों का प्रभार भी है। जल्द ही इन्हें राज्यों के प्रभार से मुक्त किया जा सकता है।
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