दिल्ली गैंगरेप की शिकार छात्रा के परिवार ने वारदात में शामिल दो आरोपियों के सरकारी गवाह बनने की बात पर नाराजगी जाहिर की है। छात्रा के पिता ने कहा कि दोनों आरोपी फांसी की सजा से बचने के लिए सरकारी गवाह बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी जनता की सहानुभूति पाने के लिए ही आत्महत्या की बात कह रहे हैं।
छात्रा के चाचा और दादा ने कहा कि इस केस के किसी भी आरोपी को सरकारी गवाह नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने इतना जघन्य अपराध किया है कि उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देना सही नहीं है। इस मामले में पुलिस के पास इतने गवाह और सबूत हैं कि किसी आरोपी को सरकारी गवाह बनाने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि दिल्ली गैंगरेप के दो आरोपियों ने मामले में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की थी।
वहीं, छात्रा के भाई का कहना है कि बलात्कार के आरोप में पकड़े जाने वाले 14 साल के लड़कों को भी वयस्क माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के ज्यादातर मामलों में 14 साल के लड़के शामिल पाए जाते हैं। बलात्कार की सजा को सात साल की कैद से बढ़ाकर 30 साल कर दिया जाना चाहिए।