बंगाल में यौन अपराधों में इजाफा होने से लगातार इंकार करने के बाद ममता बनर्जी सरकार को आखिरकार इस सिलसिले में कदम उठाना पड़ा है।
पुलिस 15 अगस्त तक महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष दस्ता तैयार कर रही है, जो खास तौर से पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया कराएगा। इस दस्ते में आधी महिलाएं होंगी।
टीओआई की खबर के मुताबिक जोधपुर पार्क में एक फ्रांसीसी महिला से छेड़छाड़ समेत जुलाई में रेप के कई मामले सामने आने के बाद सरकार के पास और कोई विकल्प नहीं बचा था।
बीते दो साल में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में बंगाल काफी ऊपर रहा है और सरकार को समझ आ गया है कि इससे उसकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
शहर की पुलिस आत्मरक्षा से इस अभियान की शुरुआत कर रही है, जिसमें लड़कियों को ताइक्वांडो, जूडो, बॉक्सिंग, कराटे और रेसलिंग सिखाई जाएगी।
अगले कदम में वुमन इन नीड सेल का गठन किया जाएगा। यह उन महिलाओं और युवतियों की मदद करेगा, जो दिक्कत में हैं। यह चौबीसों घंटे चलने वाला सपोर्ट सेंटर होगा। इसे रिटायर्ड महिला पुलिस सहायक आयुक्त संभालेंगी।