वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा ने सोमवार को नए सीबीआई निदेशक का पदभार संभाल लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह अनुरोध पत्र के क्रियान्वयन में होने वाले विलंब को दूर करने और एजेंसी की फोरेंसिक क्षमताओं में सुधार लाने पर जोर देंगे। सिन्हा 1974 के बिहार कैडर के अधिकारी हैं।
फिलहाल वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। सिन्हा ने 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए एपी सिंह की जगह ली है। 59 वर्षीय सिन्हा सीबीआई प्रमुख का पद दो साल संभालेंगे। इससे पूर्व भी वह उप महानिरीक्षक एवं संयुक्त निदेशक के तौर पर सीबीआई में काम कर चुके हैं।
पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में सिन्हा ने कहा कि वह कर्मचारियों की कमी, अनुरोध पत्र के क्रियान्वयन में विलंब और फोरेंसिक क्षेत्र में सुधार की जरूरत जैसी एजेंसी की कमियों से अवगत हैं तथा वह अपने कार्यकाल में उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे। इस पद पर अपनी नियुक्ति को लेकर किसी तरह के विवाद की बात को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई विवाद है। उनकी नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिकाओं के बारे में पूछने पर सीबीआई प्रमुख ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आईपीएस अधिकारियों के बीच कोई नाराजगी है।