बांबे हाईकोर्ट ने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले में कार्यवाही पर 17 दिसंबर तक रोक लगा दी है। यह मामला अनीता आडवाणी ने दायर किया है। अनीता का दावा है कि राजेश खन्ना के साथ उनका लिव इन रिलेशनशिप का संबंध था। न्यायमूर्ति केयू चांदीवाल ने बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए अनीता को नोटिस जारी किया। आडवाणी का दावा है कि राजेश खन्ना के आखिरी कुछ साल के दौरान उन्होंने पत्नी की तरह उनकी देखभाल की थी।
अदालत राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल और दामाद अक्षय कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में उन्होंने मजिस्ट्रेट अदालत की अपने तथा परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को चुनौती दी थी। अनीता ने डिंपल तथा अन्य के खिलाफ अपनी शिकायत में दावा किया था कि उन्हें खन्ना के निधन के बाद उनके बंगले आशीर्वाद से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अभिनेता की संपत्ति से गुजारा भत्ते की मांग की है।
वहीं डिंपल ने दलील दी है कि वह खन्ना की कानूनी रूप से शादीशुदा वैध पत्नी हैं और ऐसे में कोई अन्य महिला पति द्वारा छोड़ी गई संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकती। डिंपल ने कहा कि मजिस्ट्रेट की ओर से यह सुझाव देना ‘अनुचित’ था कि वह और उनके परिवार के सदस्य शिकायतकर्ता के साथ समझौता करें।