केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने देश के सभी स्कूलों में अगले वर्ष मार्च तक शौचालय की व्यवस्था करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रमेश ने इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि देश के 13 लाख स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए शौचालय की अलग व्यवस्था हो और यह काम अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जाए।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय शैक्षणिक नियोजन एवं प्रशासनिक विश्वविद्यालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश के 87 प्रतिशत स्कूलों में ही लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग शौचालय हैं जबकि प्रथम एनजीओ की गत वर्ष की रिपोर्ट के अनुसार देश के ग्रामीण इलाकों में 49 प्रतिशत स्कूलों में ही शौचालय काम करते हैं। रमेश ने सिब्बल से यह भी कहा है कि हर स्कूल में प्रति वर्ष शौचालय की देखरेख के लिए 12 हजार रुपये का एक फंड भी हो क्योंकि कई स्कूलों में शौचालय तो बन गए है पर उनका रखरखाव नहीं है और बदबूदार हो गए हैं।
इस वजह से छात्र खुले में शौच करते हैं और वे स्कूल के शौचालय में जाते ही नहीं। फिलहाल मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्राइमरी स्कूल में शौचालयों के रखरखाव के लिए प्रत्येक स्कूल को हर साल पांच हजार रुपये तथा अपर प्राइमरी स्कूल के लिए दस हजार रुपये देता है।