प्रदेश सरकार अब वाहन चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस के रूप में स्मार्ट कार्ड जारी करेगी। स्मार्ट कार्ड आवेदक के अंगूठे के निशान, डिजिटल हस्ताक्षर व फोटो से युक्त होगा। इस कवायद का मकसद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में होने वाले फर्जीवाडे़ को रोकना है। इसके लिए राज्य सरकार प्रतिष्ठित फर्म निक्सी के साथ अनुबंध करेगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। स्मार्ट कार्ड वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक को स्वयं परिवहन कार्यालय में आना होगा। यहां कंप्यूटर पर बायोमैट्रिक्स तरीके से अंगुठे के निशान व डिजिटल दस्तखत लिए जाएंगे। इसके अलावा आवेदक का नवीनतम फोटो भी लिया जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने वाले हर दफ्तर में इसका पूरा डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे एक जगह ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त होने की सूरत में दूसरी जगह लाइसेंस बनने की संभावना नहीं रहेगी। भविष्य में इसी प्रकार राज्यों में स्टेट रजिस्टर और दिल्ली में नेशनल रजिस्टर तैयार किया जाएगा। स्मार्ट कार्ड धारक चालक का चालान और अन्य विवरण स्मार्ट कार्ड की चिप पर दर्ज किया जा सकेगा, जो कार्यालय के कंप्यूटर में भी फीड होगा।
स्मार्ट कार्ड की खासियत
- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में होने वाली धांधली रुकेगी।
- एक जगह लाइसेंस निरस्त होने पर दूसरी जगह बनवाना संभव नहीं
- चालान का ब्योरा भी कार्ड की चिप में हो जाएगा दर्ज
- खुद दर्ज कराना होगा बायोमैट्रिक्स तरीके से अंगुठे के निशान
- जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के ब्योरे का बनेगा स्टेट रजिस्टर