भाजपा और कांग्रेस नेताओं की ट्विटर वॉर में रैंबों, डंबो और स्कैंबो के बाद आज एक नया शब्द मोगैंबो जुड़ गया।
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने आज नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना ट्विटर पर कहा, 'जो लोग कह रहे हैं कि रैंबो, डंबो और स्कैंबों से बेहतर है, उन्हें समझना चाहिए कि असल जिंदगी के रैंबों का अंत मोगैंबो जैसा होता है।'
भाजपा ने शकील अहमद के ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश की जनता सभी को बता देगी कि रैंबो कौन है और मोगैंबो कौन।
मीडिया से बातचीत में नकवी ने कहा, 'कांग्रेस के नेता और मंत्री सुबह उठकर नरेंद्र मोदी के नाम का जाप करते हैं। उनका हाजमा तभी ठीक होता है, जब वे मोदी के खिलाफ कोई अपमानजनक बात न कह लें।'
उन्होंने कहा कि देश की जनता उन्हें बता देगी की रैबों कौन है और मोगैंबो कौन।
भाजपा की आलोचना के बाद अहमद ने अपने ट्वीट की सफाई में कहा कि भाजपा के कुछ लोग अपने एक नेता को रैंबो जैसा बता रहे हैं, जो पहाड़ पर चढ़ जाता है और 15 हजार लोगों की जान बचा लेता है।
उन्होंने कहा, 'मैंने केवल ये कहा कि जो रैंबो बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनका अंत मोगैंबो जैसा होगा।'
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले एक अंग्रेजी अखबार ने खबर दी थी कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैंबो की तरह उत्तराखंड में फंसे 15 हजार गुजराती श्रद्घालुओं को दो दिनों में निकाल लिया था।
हांलाकि इस खबर पर हुए विवाद के बाद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सफाई दी थी कि मोदी ने कभी ये दावा नहीं किया कि उन्होंने उत्तराखंड से 15 हजार गुजराती श्रद्घालुओं को निकाला था।