आयरलैंड में गर्भपात वैध बनाने के कानून को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मां की जान को खतरा होने की स्थिति में गर्भपात कराने के इस कानून ने अपना पहला पड़ाव पार कर लिया।
प्रोटेक्शन ऑफ लाइफ ड्यूरिंग प्रेग्नेंसी बिल पर अगले हफ्ते अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
आयरलैंड में भारतीय महिला सविता हलप्पानवर की मौत के बाद गर्भपात को वैध करने के मुद्दे पर गर्भपात कानून में बदलाव की मांग ने बहस छेड़ दी थी और वर्तमान नियम की कड़ी आलोचना हुई थी।
सविता की गर्भावस्था के दौरान आयरलैंड में मौत हो गई थी, परिवार के मुताबिक डॉक्टरों ने उनका गर्भपात करने से मना कर दिया था।
कैथोलिक बहुल आयरलैंड में गर्भपात कराना फिलहाल गैरकानूनी है और इसकी अनुमति तब तक नहीं है जब तक कि गर्भवती महिला की जान के लिए गंभीर खतरा न हो।
लेकिन सरकार की ओर से डॉक्टरों के लिए ऐसे कोई दिशा-निर्देश नहीं है कि उन्हें किन स्थितियों में गर्भपात करना है और किनमें नहीं। ऐसे में सविता की हालत बिगड़ने पर भी डॉक्टर्स ने उनका ऑपरेशन नहीं किया।
इसके बाद हुए विरोध को देखते हुए आयरलैंड की सरकार ने घोषणा की थी कि वह एक ऐसा कानून बनाएगी जिसमें मां की जान जोखिम में होने पर गर्भपात का प्रावधान होगा।
आयरिश सरकार इस कानून को साल 1992 से टाल रही है। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने कहा था की महिला की जान को खतरा होने पर गर्भपात कराना वैध है।
पिछली छह सरकारों ने आत्महत्या के नियम का हवाला देते हुए इस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पक्ष में अब तक कोई बिल पास नहीं किया था।