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मोदी के नए मंत्री पर दर्ज हैं 23 मुकदमे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी रैलियों में अपनी स्वच्छ छवि को नारे की भांति इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्होंने 23 आपराधिक मामलों में नामजद राम शंकर कठेरिया को मंत्रिमंडल में शामिल कर सभी को चौंका दिया है।
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आगरा सुरक्षित सीट से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए रामशंकर कठेरिया को कैबिनेट में शामिल करने के फैसले को दलितों को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मोदी सरकार ने कठेरिया को शामिल कर 2017 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में सोशल इंजीनियरिंग के समीकरणों को संतुलिक करने की कोशिश की है।
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कांग्रेस ने ‌भाजपा को दिलाई सुप्रीम कोर्ट की याद

राम शंकर कठेरिया पेशे से प्रोफेसर हैं। लोकसभा चुनावों में अपने नामांकन पत्र के साथ दिए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि उन पर जान से मारने की कोशिश, धोखाधड़ी समेत 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स का कहना है कि वे 21 मामलों में नामजद हैं। कठेरिया पर दर्ज कई मामले गंभीर किस्‍म हैं।

रविवार को कठेरिया के शप‌थ लेने के तुरंत बाद ही कांग्रेस ने मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी की याद दिलाई, जिसमें उसने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों का सलाह दी थी कि वे म‌ंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों को ना शामिल करें, जिन पर आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय हो चुके हैं।

मोदी सरकार में 13 दागी मंत्री पहले से

कांग्रेस पहले भी आरोप लगाती रही है कि मोदी सरकार ने 13 दागी मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल कर रखा है।

रविवार को कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि माना जा रहा था क‌ि मंत्रिमंडल फेरबदल में मोदी उन 13 दागी मंत्रियों को बाहर को रास्‍ता दिखाएंगे, लेकिन उन्होंने तो एक और दागी को मंत्री बना दिया।

भाजपा के रण‌न‌ीतिकारों का मानना है कि कठेरिया को मंत्री बनाए जाने से पार्टी को यूपी के अलावा पंजाब में भी लाभ मिल सकता है, जहां के वह प्रभारी हैं।
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राजनीति में आने से पहले प्रोफेसर थे कठेरिया

इटावा में जन्मे पीएचडी डिग्रीधारी 50 वर्षीय कठेरिया की पढ़ाई कानपुर यूनिवर्सिटी से हुई है। यहीं से उन्होंने एमए और पीएचडी की डिग्री हासिल की।

यूपी में पार्टी के प्रमुख दलित चेहरे कठेरिया ने इटावा जिले की बोलियां, दलित चेतना की आवश्यकता, सामाजिक एकता की आवश्यकता एवं दलित साहित्य और नई चुनौतियां नाम से पुस्तकें भी लिखी हैं।

सांसद के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में वह शहरी विकास एवं ग्रामीण विकास समेत तमाम संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे थे। कठेरिया राजनीति में आने से पहले प्रोफेसर थे। वह लगातार दो बार से आगरा सुरक्षित सीट से सांसद हैं।
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