वरिष्ठ भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में राम मंदिर उनकी पार्टी के एजेंडे में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर दो समुदायों के बीच का मसला है और इसे दोनों समुदायों को या फिर कोर्ट को सुलझाना चाहिए।
गौरतलब है कि गुरुवार को महाकुंभ में आयोजित धर्मसंसद में राम मंदिर बनाने का मुद्दा जोरशोर से उठा। विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर बनाने के लिए एक बार फिर आंदोलन छेड़ने की बात कही, जबकि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अब सत्ता उसी को मिलेगी, जो राम मंदिर बनवाने में सहयोग करेगा।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी बुधवार को विहिप की मार्गदर्शक मंडल की बैठक में कहा था कि भाजपा राम मंदिर बनवाने के लिए प्रतिबद्घ है। वहीं, राम मंदिर के मुद्दे पर नए सिरे से मुहिम छेड़ने के ऐलान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मंदिर के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।