राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया है। वे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा यादव के खिलाफ पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के चुनाव लड़ेंगे।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी मुख्यालय में इसका ऐलान किया। काफी दिनों से ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यादव भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
पार्टी नेताओं की हमेशा अनदेखी की
राजनाथ सिंह ने कहा कि रामकृपाल यादव को भाजपा के सदस्य के रूप में स्वीकार करते हुए उन्हें काफी खुशी है। रामकृपाल ने भाजपा ज्वाइन करने के बाद राजनाथ और नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी में परिवारवाद जोर पकड़ रहा है और कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालू ने हमेशा ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अनदेखा किया है। उन्होंने राजद के सभी पदों से इस्तीफा दिया है।
लालू ने नहीं बदला था फैसला
यादव पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन लालू ने यह सीट अपनी बेटी मीसा यादव को दे दी थी। इस पर विवाद बढ़ने लगा।
मीसा भारती ने बीते शुक्रवार को यादव के लिए पाटलिपुत्र सीट छोड़ने की पेशकश की थी। लेकिन लालू ने अपना फैसला नहीं बदला।
कौन हैं रामकृपाल यादव?
- राज्यसभा के सांसद हैं रामकृपाल यादव
- लंबे समय से लालू यादव के सहयोगी
- 2004 के लोकसभा चुनाव में सीपी ठाकुर को हराया
- बिहार के कद्दावर नेताओं में से एक
- 1985−86 में पटना नगर निगम के डिप्टी मेयर रहे
- 1993 से 1996 तक विधान परिषद के सदस्य रहे
- कई संसदीय कमेटियों के सदस्य रहे हैं रामकृपाल
रामकृपाल के जाने से राजद पर कोई प्रभाव नहीं : राबड़ी
राजद की वरिष्ठ नेता और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मंगलवार को कहा था कि रामकृपाल यादव के पार्टी छोड़ देने से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी दलों के लोग इधर-उधर भाग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद मजबूत है और सबसे आगे है। पाटलिपुत्र से रामकृपाल के चुनाव लड़ने के विषय पर उन्होंने कहा था कि किसी को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता।