रविवार को घोषित टीम राजनाथ में कई बड़े दिग्गजों के हाथ खाली रह गए तो बड़ी उम्मीद पाले बैठी कई बड़ी हस्तियों को मायूसी हाथ लगी।
यशवंत सिन्हा जैसा बड़ा नाम एक बार फिर संगठन में जिम्मेदारी पाने में नाकाम रहा तो कलराज मिश्र, नजमा हेपतुल्ला, हेमा मालिनी, शांता कुमार और रविशंकर प्रसाद जैसे दिग्गज अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए।
बड़ी कुर्सी की आस लगाए बैठे दिग्गजों मसलन उमा भारती, प्रभात झा और शाहनवाज हुसैन को भी निराशा हाथ लगी। हालांकि वरुण गांधी, राजीव प्रताप रूडी, अमित शाह और मुरलीधर राव ने ऊंची छलांग लगा कर एकबारगी सबको चौंका दिया। नई टीम ने पार्टी के पूर्व महासचिव संजय जोशी की उम्मीदों का दीया भी बुझा दिया।
तगड़ा झटका
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की नई टीम ने पार्टी के कई बड़े दिग्गजों को तगड़ा झटका दिया है। पार्टी उपाध्यक्षों में शांता कुमार, नजमा, हेमा मालिनी, कलराज, कटियार, करुणा शुक्ला और रमेश पोखरियाल निशंक अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए।
बीते दिनों राज्यसभा में पार्टी के उपनेता बनाए गए रविशंकर प्रसाद भी अपनी मुख्य प्रवक्ता की कुर्सी से हाथ धो बैठे। सचिवों में क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू अपने विकेट की रक्षा नहीं कर पाए, जबकि किरीट सोमैया, संतोष गंगवार, किरण घई और अशोक प्रधान भी नई टीम के दांव पेंच में हाशिये पर चले गए।
नई टीम से कुछ नेताओं की बड़ी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाई। मसलन उमा भारती और प्रभात झा दोनों ही महासचिव पद की दौड़ में थे।
आलाकमान इन दोनों में से एक को महासचिव बनाने पर सहमत भी था, लेकिन व्यापक विचार विमर्श के बाद इन दोनों को उपाध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया। मध्य प्रदेश अध्यक्ष पद की कुर्सी छिन जाने के बाद प्रभात झा के समर्थक उन्हें महासचिव बनाए जाने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त थे।
कई नए चेहरों ने चौंकाया
हालांकि नई टीम में शामिल किए गए कई नए चेहरों ने चौंकाया भी। वरुण, अमित शाह की महासचिव पद पर ताजपोशी पहले से लगभग तय होने के बावजूद चर्चा का विषय बनी।
रूडी और मुरलीधर राव के महासचिव के बनने के साथ ही स्मृति ईरानी की महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से सीधे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की कुर्सी पर छलांग ने सबको चौंकाया।
चौंकाने वाले नामों में सचिव से महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाई गईं छत्तीसगढ़ की सांसद सरोज पांडे भी रहीं। उन्हें केंद्रीय चुनाव समिति में भी जगह दी गई है।