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ये हैं मोदी के बाद सरकार में नेता नंबर दो

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भाजपा संसदीय दल का उपनेता राजनाथ सिंह और अरुण जेटली दोनों को बनाए जाने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद एनडीए सरकार में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ही सियासी रूप से नंबर दो की हैसियत रखेंगे।
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प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के समय किसी आपात स्थिति के वक्त कैबिनेट बैठक बुलाने की जरूरत पड़ती है तो सरकार में नंबर दो की हैसियत से राजनाथ सिंह ही कैबिनेट की अध्यक्षता करेंगे।

एनडीए सरकार ने भले ही औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर रहने के दौरान सरकार के सत्ता संचालन की व्यवस्था के बारे में किसी दिशा-निर्देश का खुलासा नहीं किया है लेकिन कैबिनेट के प्रोटोकॉल और शनिवार को राजनाथ को लोकसभा में संसदीय दल का उपनेता बनाए जाने के बाद यह तय माना जा रहा कि पीएम की गैर मौजूदगी में कैबिनेट बुलाने की नौबत आई तो इसकी अगुवाई राजनाथ ही करेंगे।
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सबसे वरिष्ठ मंत्री ही बुलाता है कैबिनेट बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार से शुरू हो रही चार दिवसीय ब्राजील यात्रा के कारण सरकार में नंबर दो का मामला दिलचस्पी की वजह है। वैसे भी पिछली सरकारों के समय से यह परिपाटी चली आ रही है कि कैबिनेट का सबसे वरिष्ठ मंत्री ही प्रधानमंत्री के देश में नहीं होने के दौरान विशेष परिस्थितियों में कैबिनेट की बैठक बुलाता है।

अमूमन प्रधानमंत्री के विदेश में होने के दौरान कैबिनेट की बैठकें नहीं होती हैं। मगर गाहे बगाहे ऐसे मौके आते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय भी ऐसे मौके आए हैं। उस समय कैबिनेट बैठक की अगुवाई सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री होने के नाते प्रणब मुखर्जी ने की थी।

मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद एके एंटनी सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते थे। हालांकि उस समय शरद पवार के वरिष्ठ मंत्री होने के चलते उनके भी नंबर दो के मुद्दे पर विवाद छिड़ गया था। मगर पवार के सहयोगी दल एनसीपी का होने के नाते उन्हें इस हैसियत से महरूम रखा गया था।
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पीएम के दाहिने वाली सीट पर कौन बैठेगा?

मोदी सरकार में शुरू से ही राजनाथ सिंह नंबर दो की हैसियत में हैं। 26 मई को प्रधानमंत्री के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह ने ही शपथ ली थी। हालांकि तब राजनाथ भाजपा के अध्यक्ष भी थे। मगर पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद लोकसभा में सुषमा स्वराज के होते हुए भी राजनाथ को उपनेता बनाए जाने का राजनीतिक संदेश स्पष्ट है।

लोकसभा में प्रधानमंत्री के ठीक दाहिने वाली सीट पर कौन बैठेगा, अभी यह तय नहीं हुआ है पर राजनाथ को यह सीट दिए जाने की चर्चा है।

हालांकि दिलचस्प यह है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को मीडिया में यह बयान दिया था कि पीएम के बगल वाली सीट तो अटार्नी जनरल की होती है।

चूंकि मनमोहन सिंह लोकसभा के सदस्य नहीं थे इसलिए पीएम के नाते वे सदन के नेता के बाद उस सीट पर बैठते थे। लेकिन यह तथ्य भी बहुत पुराना नहीं है कि वाजपेयी की एनडीए सरकार के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के बाद इस सीट पर लालकृष्ण आडवाणी बैठते थे जो सरकार के घोषित नंबर दो थे।

हालांकि शनिवार को भाजपा संसदीय दल की जिस कार्यकारी समिति का ऐलान हुआ उसमें प्रधानमंत्री के बाद नंबर दो की हैसियत राजनाथ के साथ साथ अरुण जेटली की भी रखी गई है।

मोदी सरकार में बढ़ती भूमिका और पार्टी संसदीय दल में पदों के पैमाने पर यदि तौला जाए तो जेटली नि:संदेह राजनाथ सिंह को इस रेस में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। लेकिन मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी का ऐलान करवाने से लेकर चुनाव के दौरान संघ परिवार और संगठन को साथ लेकर चलने की सियासी क्षमता की वजह से राजनाथ फिलहाल जेटली को थामे हुए हैं।
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