राजनाथ सिंह बुधवार को निर्विरोध रूप से भाजपा के अध्यक्ष चुन लिए गए। आज भाजपा कार्यालय में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष पद के लिए राजनाथ सिंह के नाम पर औपचारिक सहमति बन गई। बैठक में नीतिन गडकरी ने उनके नाम का प्रस्ताव दिया, जिसे सभी सदस्यों ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद उन्होंने पार्टी पोलिंग बूथ पर पोलिंग प्रभारी थावर चंद गहलोत के समक्ष अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा। उनकी दावेदारी के खिलाफ एक भी नामांकन न होने के कारण निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की घोषणा कर दी गई।
राजनाथ के अध्यक्ष बनने पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर बधाई दी। मोदी ने ट्विटर पर कहा कि राजनाथ सांगठनिक और प्रशासनिक रूप से कुशल नेता हैं। मोदी ने कहा के राजनाथ के भाजपा अध्यक्ष चुने जाने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राजनाथ सिंह के अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजनाथ एक तपेतपाए नेता है। वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके अनुभव से भाजपा को फायदा होगा।
इससे पहले मंगलवार को दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद एकाएक भाजपा के अगले अध्यक्ष रूप में राजनाथ सिंह का नाम उभर कर सामने आया और नितिन गडकरी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
पूर्ति ग्रुप की कंपनियों पर आयकर के छापों के चलते मंगलवार को भाजपा में घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि गडकरी के पीछे खड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी राजनाथ सिंह के नाम पर अपनी सहमति दे दी।
दरअसल, मंगलवार तक यह लगभग तय था कि गडकरी ही दोबारा भाजपा की कमान संभालेंगे, लेकिन दिनभर मुंबई में पूर्ति समूह को फंड देने वाली कंपनियों की आयकर जांच के चलते गडकरी को लेकर भाजपा संकट में दिखी। हालांकि गडकरी ने अपनी सफाई में कहा था कि जिन कंपनियों पर छापे पड़े हैं वे पूर्ति समूह से नहीं जुड़ी हैं।