वोटरों को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लगातार नए कलेवर में पेश कर रही है। इसी कड़ी में उसने नरेंद्र मोदी को एक और नए रूप में पेश किया है।
मोदी का यह नया रूप है 'मोदीसिन' जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लालगंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बताया।
हालांकि इससे पहले भी मोदी को दिए गए कुछ रूपों को लेकर विवाद रहा है।
बीमार देश के लिए 'मोदीसिन'
बुधवार को पर्वी उत्तर-प्रदेश के लालगंज और गाजीपुर सहित कई स्थानों पर चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह किसानों, और युवाओं के लिए कम ब्याजदर पर लोन आदि योजनाओं के बारे में वादा किया।
साथ ही उन्होंने ने लोगों को भाजपा के लिए वोट देने के लिए जोर देकर कहा कि कि जिस तरह लोगों को विभिन्न बीमारियों जैसे बुखार के लिए क्रोसिन, सिर दर्द के लिए एनासिन लेते हैं। ठीक उसी तरह से बीमार राष्ट्र के लिए 'मोदीसिन' (यानी नरेंद्र मोदी नामकी दवा) की जरूरत है।
इससे पहले आ चुकें हैं मोदी के कई रूप
इससे पहले गुजरात के विकास को लेकर नरेंद्र मोदी को विकास पुरुष के रूप में पेश किया गया तो पार्टी के कुछ नेताओं ने मोदी को हजारों साल बाद जन्म लेने वाला महापुरुष बताया। मोदी का एक चर्चित और विवादित रूप हर, हर मोदी भी है जिसे लेकर काफी हंगामा खड़ा हुआ तो भाजपा को मोदी का यह रूप वापस लेना पड़ा।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपनी सभाओं में उत्तर-प्रदेश के इस पिछड़े इलके में किसानों को कृषि लाभ बीमा योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना शुरू करने के लिए वादा किया।
उन्होंने कहा कि अगर बाइक, ट्रक और घरों का बीमा होता है तो किसानों की फसलों का बीमा भी होना चाहिए और इसे एनडीए सरकार लागू करेगी। उन्होंने कहा कि बाजपेयी सरकार में न्यूनतम कृषि लाभ योजना बनाई गई थी जिसे किसानों लिए फिर से शुरू की जाएगी।
'चार फीसदी की दर से मिलेगा लोन'
भाजपा अध्यक्ष ने क्षेत्र के युवाओं को लुभाते हुए कहा कि अभी किसी बेरोगार के लिए 12 से 14 प्रतिशत की ब्याज दर पर लोन दिया जाता है।
लेकिन जब एनडीए की सरकार बनेगी तो युवाओं को लिए खुद का काम शुरू करने के लिए बेहद कम दर 4 से 5 फीसदी की दर पर लोन दिया जाएगा ताकि बेरोजगार युवक खुद का काम शुरू कर सकें।
उन्होंने सरकारी नौकरियों के बारे में कहा कि लोगों से सरकारी नौकरियों का वादा करना मुश्किल काम है इसलिए उनकी कोशिश होगी लोगों को आर्थिक सहायता के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाए।