आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आरोपी आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार ने कोर्ट में दिए बयान में कहा है कि जिस रात दोनों की हत्या हुई उस वक्त वह सोए हुए थे।
तलवार ने अपने बचाव में कहा कि उनके कमरे से रिकॉर्ड की गई इंटरनेट गतिविधि सही नहीं हो सकती।
राजेश तलवार के बयान सीआरपीसी की धारा 313 के तहत दर्ज किए गए। इसके तहत न्यायाधीश आरोपी से घटना के समय की परिस्थितियों के मुताबिक सीधे तौर पर सवाल पूछते हैं।
सीबीआई के विशेष जज एस. लाल ने उनसे 200 से अधिक प्रश्न पूछे, जिनमें तलवार को बचाव के लिए अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। कोर्ट के बाहर तलवार के वकील मनोज सिसौदिया ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।
राजेश तलवार से 15 मई की रात, जिस समय आरुषि की हत्या हुई, को उनके राउटर से दर्ज इंटरनेट गतिविधि को लेकर भी सवाल पूछे गए।
सीबीआई ने दावा किया कि घटना की रात तलवार ने नियमित अंतराल पर इंटरनेट का प्रयोग किया, जो यह दर्शाता है कि तलवार को आरुषि के कमरे में होने वाली घटना की जानकारी थी।
जबकि तलवार ने कोर्ट को बताया कि घटना की रात वह 11:30 बजे के बाद सो गए थे और उन्होंने इंटरनेट का प्रयोग नहीं किया।
तलवार के वकीलस सिसौदिया ने दावा किया कि राउटर में 16 मई की सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक की गतिविधि दर्ज थी। उन्होंने बताया कि यह वो समय था जब पुलिस और सभी जांचकर्मी घटना स्थल पर पहुंच चुके थे और कंप्यूटर बंद था।
सिसौदिया ने बताया कि राउटर की 16 मई की गतिविधि से पता चलता है कि इंटरनेट की रिकॉर्डिंग में गलती हुई थी। इसलिए यह आरोप नहीं लगाया जा सकता कि जिस समय से इंटरनेट चालू था, उस समय डॉ. तलवार जागे हुए थे।
वहीं, सीबीआई ने अपने आरोप के पक्ष में एयरटेल के एक कर्मचारी को भी गवाह के तौर पर पेश किया, जिससे साबित किया जा सके कि 15 मई की रात को इंटरनेट चल रहा था और राजेश तलवार को आरुषि के कमरे में होने वाली घटना की जानकारी थी।
कोर्ट में तलवार से हेमराज के शरीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल पूछे गए। सीबीआई ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक हेमराज के गुप्तांग सूजे हुए पाए गए, जिनसे पता चलता है कि हेमराज अपनी मृत्यु से पहले सेक्स में लिप्त था।
इसके जवाब में तलवार ने बचाव पक्ष की दलील से सहमति जताई कि हेमराज के गुप्तांग पर सूजन उसके शरीर के सड़ने के कारण भी हो सकती है।