देश में कई जगह पुलिस ने व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरु की है लेकिन अधिकतर जगहों पर यह बहुत कारगर साबित नहीं हो पा रही है। इसका एक कारण ये है कि कुछ लोग पुलिस को अश्लील वीडियो भेज रहे हैं।
राजस्थान पुलिस भी इन दिनों इसी परेशानी का शिकार है। झालावाड़, उदयपुर, जैसलमेर और झुंझुनू जैसे जिलों से पुलिस के पास आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो भेजे जाने की शिकायतें मिली हैं।
हालांकि ऐसे लोगों और वीडियो की संख्या बहुत अधिक नहीं है। पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी है कि वह अपनी हरकतें बंद करें अन्यथा उनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस क्यों कर रही इंकार?
पुलिस ने इस व्हाट्सएप हेल्पलाइन की शुरुआत करीब चार महीने पहले की थी। कुछ जिलों के पुलिस अधिकारी आधिकारिक तौर पर इस बात को मानने से इंकार कर रहे हैं कि उन्हें ऐसी अश्लील वीडियो फोटो आदि भेजी जा रही हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि,"हमने इस सर्विस को इसलिए शुरु किया था ताकि जनता अपने आप पास हो रहे अपराध की तस्वीरें और वीडियो तत्काल हमें भेज सके। लेकिन कुछ लोग वल्गर वीडियो आदि भेज रहे हैं। अब ये रुकने की उम्मीद है क्योंकि हमने कह दिया है कि ऐसा करने वाले को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"
झुंझुनू के एसपी सुरेंद्र गुप्ता के मुताबित,"हमें कभी ऐसे मैसेज नहीं मिले। अगर कोई व्यक्ति जानबूझ कर ऐसे मैसेज भेजेगा तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।"
'पुलिस को गलत खबरें मिल रही हैं'
झालावाड़ पुलिस तो व्हाट्सएप नंबर को लेकर इतनी सतर्क है कि इस फोन को वहां के एसपी राहुल भारत खुद अपने पास ही रखते हैं। उन्होंने बताया कि,"हमने छह महीने पहले ये सर्विस शुरु की थी। शायद लोगों को पता है कि ये फोन मैं खुद अपने पास रखता हूं इसलिए हमें ऐसे मैसेज नहीं मिलते। अगर कोई आएगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस कंट्रोल रूम के सूत्रों के मुताबिक,"कुछ लोगों ने ऐसे वीडियो भेजे और जब हमने उसने पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि ऐसा गलती से हो गया था। हमने उनसे कहा है कि अगर ये गलती दोबारा होती है तो आईटी एक्ट के तहत उन पर कार्रवाई की जाएगी।"
उदयपुर और जैसेलमेर पुलिस ने भी जनता के लिए इस सर्विस की शुरुआत की थी। उदयपुर के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि,"कई बार ऐसा हुआ कि जो खबरें पुलिस को दी गईं वह गलत निकलीं।"