अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिटी स्कूल के समीप स्थित तिकोना मैदान में स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म दिवस नहीं मनाया जाएगा। छात्रों के भारी आक्रोश को देखते हुए एएमयू प्रशासन ने अपना हाथ पीछे खींच लिया है और 1 दिसंबर का कार्यक्रम रद कर दिया गया है। छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कुलपति से पल्ला झाड़ कर उन पर धोखे में रखकर आरएसएस नेताओं से बात कराने का आरोप लगाया है।
क्या है मामला
मंगलवार को कुलपति जमीरउद्दीन शाह, छात्र संघ के तीनों प्रमुख पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेताओं के बीच वीसी लॉज में बातचीत हुई थी। इसकी मध्यस्थता अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा की गयी थी। इसी मीटिंग में आए सुझाव के बाद एएमयू प्रशासन ने सिटी स्कूल के समीप स्थित तिकोना मैदान में राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसका संचालन एएमयू छात्र संघ को करना था। अगले दिन जब एएमयू छात्रों को पता चला कि वीसी लॉज में आरएसएस के नेता आए थे और उसमें एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे तो आक्रोश बढ़ने लगा। आरएसएस एवं बीजेपी को किसी भी कीमत पर एएमयू छात्र पचाने की स्थिति में नहीं है। यूनियन से अलग कुछ छात्र नेताओं ने बैठक कर वीसी लॉज में आरएसएस नेताओं को बुलाने एवं बातचीत करने का विरोध करने लगे। यह भी ऐलान कर दिया कि जुमे की नमाज के बाद कुलपति एवं यूनियन के खिलाफ जामा मस्जिद से बाबे सैयद तक विरोध मार्च निकालेंगे।
विरोध देख यूनियन एवं इंतजामिया बैक फुट पर
छात्रों का विरोध देखकर एएमयू छात्र संघ एवं कुलपति को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। एएमयू पीआरओ डॉ. राहत अबरार का कहना है कि एक दिसंबर को अब सिटी स्कूल में राजा महेंद्र प्रताप की जयंती से संबंधित कोई कार्यक्रम नहीं होगा। नेताओं द्वारा अलग-अलग विवादित बयान देने के कारण समारोह रद करना पड़ा।
एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष अब्दुल्लाह अज्जामन का कहना है कि कुलपति ने धोखे में रखकर आरएसएस नेताओं से हमलोगों की बातचीत करायी। हमें यह भी पता नहीं था कि वीसी लॉज पर क्यों बुलाया जा रहा है। छात्रों के विरोध को देखते हुए सिटी स्कूल या तिकोना मैदान में जन्म दिवस के अवसर पर कोई कार्यक्रम नहीं होगा। शुक्रवार को होने वाले विरोध मार्च में अब हम लोग भी शामिल होंगे। यह मार्च कुलपति के खिलाफ निकाली जाएगी।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शाहजाद आलम का कहना है कि छात्रों के विरोध को देखते हुए छात्र संघ ने अपना फैसला वापस ले लिया है। अब छात्र शुक्रवार को कुलपति एवं बीजेपी के खिलाफ विरोध मार्च निकालेंगे। इस मार्च में यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। हमलोग एएमयू में बीजेपी या आरएसएस का कोई दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे।