मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात प्रेम को आड़े हाथों लिया। बुधवार को एक टीवी चैनल पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मोदी गुजराती प्रधानमंत्री की तरह काम कर रहे हैं, ना कि देश के प्रधानमंत्री की तरह।
राज ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने नरेंद्र मोदी का समर्थन करके गलती की लेकिन ये गलती उन्होंने ही नहीं पूरे देश ने की। मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राज ठाकरे ने कहा, 'मैं अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक हूं, लेकिन मुझे उनका काम करने का तरीका पसंद नहीं है। ठाकरे ने कहा कि मोदी अमेरिका जाते हैं तो वहां कि राष्ट्रपति उनसे पूछते हैं, केम छो!
उन्होंने कहा कि मोदी ने चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग को अहमदाबाद बुलाया। महाराष्ट्र की बंदरगाह परियोजना को गुजरात भेज दिया। जैसा मोदी कर रहे हैं, वैसा नेहरू-गांधी के जमाने में भी नहीं किया गया।
पहले भी उठा चुका है सवाल
प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात प्रेम पर पहली बार सवाल नहीं उठा है। पिछले महीने मंगलयान के अपनी कक्षा में स्थापित हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्स ऑर्बिटर मिशन में गुजरात के योगदान का उल्लेख किया था, जिसे राजनीतिक विश्लेषकों ने नकारात्मक परंपरा की शुरुआत बताया था।
कहा गया था कि मार्स ऑर्बिटर मिशन में पूरे देश का योगदान है, जबकि मोदी मात्र गुजरात का उल्लेख कर अन्य राज्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उस समय मोदी ने संस्मरण सुनाने के अंदाज में बताया था कि राजकोट में कुछ वैज्ञानिकों ने एक प्रयोगशाला में लगातार कई दिनों तक मेहनत करके मार्स ऑर्बिटर मिशन लगा मिथेन सेंसर बनाया। जब वे वहां काम कर रहे थे, कोई उनसे मिलने भी नहीं जाता था।
मोदी ने कहा, 'एक दिन मेरी जिज्ञासा हुई कि मैं जाकर देखूं कि वे क्या काम कर रहे हैं। मैं राजकोट गया और उन वैज्ञानिकों से मिला, बात की। मुझे वहीं पता चला की मंगल पर मिथेन है, इसका पता लगाने के लिए औजार गुजरात में बनाया जा रहा है।'
विदेश में भी दिखा गुजरात प्रेम
गुजरात प्रेम का प्रदर्शन मोदी ने अपनी जापान यात्रा के दौरान भी किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान में उद्योगपतियों की बैठक में सुजूकी के चेयमैन ओसामु सुजूकी के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने सुजूकी के चेयरमैन को बताया कि आपने गाड़ियां बनाने का प्रोजेक्ट गुडगांव में लगा रखा है। वहां गाड़ियां बनती है और उसे बंदरगाह तक लाने के लिए हर गाड़ी पर आप हजारों रुपए खर्च करते हैं। आप अगर अपना प्रोजेक्ट गुजरात में लगाएं तो बंदरगाह तक लाने का खर्च बच जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुजूकी के चेयरमैन को उनकी बात बहुत पंसद आई थी। प्रधानमंत्री की वह बात राजनीतिक हलकों में सकारात्मक रूप से नहीं ली गई थी।
विश्लेषकों ने कहा कि केंद्र की भूमिका सभी राज्यों को विकास के समान अवसर उपलब्ध करना है। केंद्र सरकार का मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री यदि विदेशों में ऐसे भाषण दें, जिसमें एक राज्य से उद्योग को हटाकर दूसरे राज्य में ले जाने की बात कही जाए, तो देश को फायदे के बजाय नुकसान ही होगा।