रेल इंजन के निर्माण के क्षेत्र में जल्द ही एक बड़ी कामयाबी डीरेका के खाते में आने वाली है। इलेक्ट्रिक और डीजल दोनों से चलने वाले डुअल मोड रेल इंजन के निर्माण के डीरेका के प्रपोजल को रेलवे बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। बोर्ड के अप्रूवल के बाद अब प्रपोजल रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडडर्स आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) को भेजा जाएगा।
आरडीएसओ से क्लीयरेंस के बाद डीरेका में डुअल मोड के उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। साल के अंत तक पहला डुअल मोड इंजन ट्रैक पर उतारने की तैयारी है। इसके अलावा, फरवरी से 6000 हार्स पॉवर के इंजनों का निर्माण डीरेका में शुरू हो जाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु का डुअल मोड रेल इंजन का सपना साल के अंत तक साकार हो सकता है। रेलवे बोर्ड से अप्रूवल मिलने के बाद डीरेका ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
साल के अंत तक पहला प्रोटोटाइप डुअल मोड इंजन ट्रैक पर उतर सकता है। बाकायदा इसके परीक्षण और परिणामों के आधार पर डुअल मोड इंजनों के निर्माण की शृंखला डीरेका में शुरू हो जाएगी। ये इंजन बिजली और डीजल दोनों से चलेंगे यानी जो विद्युतीकृत रेल खंड हैं वहां बिजली से और जो रेलखंड विद्युतीकृत नहीं हैं वहां यही इंजन डीजल से दौड़ेगा।